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प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: परिचय
आज के समय में घर या फ्लैट खरीदना केवल एक सपना पूरा करने की खुशी नहीं है, बल्कि यह जीवन का सबसे बड़ा आर्थिक फैसला भी होता है। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि खरीदार गलत जानकारी या अधूरी जांच के कारण धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं—कभी प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं होता, कभी बिल्डर वादों से मुकर जाता है या फिर प्रॉपर्टी कानूनी विवादों में फँस जाती है। इन जोखिमों से बचाने और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए ही सरकार ने RERA (Real Estate Regulatory Authority) कानून को लागू किया।
एक जिम्मेदार खरीदार के रूप में आपकी पहली प्राथमिकता यही होनी चाहिए कि जिस प्रोजेक्ट में आप निवेश करने जा रहे हैं, वह RERA में रजिस्टर्ड (Registered Project) है या नहीं। क्योंकि RERA रजिस्ट्रेशन केवल एक आईडी नंबर नहीं है, बल्कि यह आपके निवेश की सुरक्षा, समय पर डिलीवरी और भविष्य की गारंटी देता है। यही कारण है कि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले RERA जांच करना आज के दौर में हर निवेशक के लिए जरूरी कदम बन चुका है।
- आप चाहें तो अपने राज्य की आधिकारिक RERA वेबसाइट जैसे कि MahaRERA महाराष्ट्र या UP RERA पर जाकर किसी भी प्रोजेक्ट की जानकारी, बिल्डर का नाम, पंजीकरण नंबर और डिलीवरी टाइमलाइन आसानी से चेक कर सकते हैं।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: RERA क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?
भारत में संपत्ति खरीदना जीवन का सबसे बड़ा निवेश माना जाता है। लेकिन कई बार खरीदारों को धोखाधड़ी का सामना करना पड़ता है—जैसे प्रोजेक्ट समय पर पूरा न होना, बिल्डर का अचानक गायब हो जाना या कानूनी विवाद खड़ा हो जाना। इन समस्याओं से बचाने और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए भारत सरकार ने RERA (Real Estate Regulatory Authority) की शुरुआत की।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: RERA क्या है?
RERA, Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 के अंतर्गत स्थापित एक नियामक संस्था है। इसका उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर में अनुशासन और पारदर्शिता लाना है ताकि खरीदारों और निवेशकों का विश्वास मजबूत हो सके।
RERA क्यों ज़रूरी है?
- संपत्ति खरीदने के बाद खरीदार धोखाधड़ी से सुरक्षित रहते हैं।
- सभी नए प्रोजेक्ट्स के लिए RERA पंजीकरण अनिवार्य है।
- अगर प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं होता, तो बिल्डर पर जुर्माना लगाया जाता है।
- खरीदार और बिल्डर के बीच विवाद का त्वरित समाधान उपलब्ध होता है।
- प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी जानकारी (जैसे मैप, समयसीमा, लागत) ऑनलाइन आसानी से देखी जा सकती है।
- उदाहरण के लिए आप RERA इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर किसी भी प्रोजेक्ट का पंजीकरण और विवरण चेक कर सकते हैं।
खरीदारों के लिए फायदे
यदि आप कोई फ्लैट, प्लॉट या कमर्शियल स्पेस खरीदने की सोच रहे हैं, तो RERA पंजीकृत प्रोजेक्ट चुनना आपके लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है। इससे आपका निवेश सुरक्षित रहेगा और आपको यह भरोसा मिलेगा कि प्रोजेक्ट समय पर आपको मिल जाएगा।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: घर खरीदते समय RERA चेक करना क्यों ज़रूरी है?

घर या फ्लैट खरीदना सिर्फ़ इमोशन नहीं — यह एक बड़ा आर्थिक निर्णय है। चाहे आपकी भावनाएँ कितनी भी गहरी हों, लेकिन कानूनी सुरक्षा और जानकारियाँ मौजूद न हों, तो बहुत जोखिम हो सकता है।
RERA (Real Estate Regulation and Development Act, 2016) इसीलिए बना — ताकि रियल एस्टेट सेक्टर को पारदर्शी, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाया जा सके।
नीचे वो कारण दिए हैं, जिनसे स्पष्ट होगा कि घर खरीदने से पहले RERA की जाँच करना अनिवार्य क्यों है:
पारदर्शिता और सटीक जानकारी की गारंटी
RERA के अंतर्गत, डेवलपर को यह अनिवार्य है कि वो अपने प्रोजेक्ट की स्वीकृत योजना, अनुमति (approvals), ज़मीन के कागज़, भवन की विशेषताएँ और समयबद्धता सार्वजनिक करें।
इसका मतलब है — अब आपको “डिवेलपर ने कहा” नहीं, बल्कि सत्य तथ्य मिलेंगे।
समय पर कब्ज़ा देने और मुआवज़े का अधिकार
यदि डेवलपर निर्धारित अवधि में फ्लैट सौंपने में विफल रहता है, तो RERA के तहत आप मुआवज़ा मांग सकते हैं।
इस तरह, देरी की समस्या से निपटने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार रहता है।
आपके पैसे की सुरक्षा (Escrow / Fund Safety)
RERA नियमों के अनुसार ग्राहकों से लिए गए पैसों में से 70% राशि एक विशेष खाते (Escrow account) में रखी जाती है।
यह राशि सिर्फ उसी प्रोजेक्ट के निर्माण या ज़मीन खरीद पर खर्च की जा सकती है।
इस व्यवस्था से डेवलपर अन्य प्रोजेक्टों में आपके पैसों का उपयोग नहीं कर सकता।
विवाद निवारण और कानूनी सुरक्षा
यदि डेवलपर या प्रमोटर RERA नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है, उनकी पंजीकरण रद्द हो सकती है, या उन पर अन्य दंड लग सकते हैं।
इससे निवेशक को एक मजबूती मिलती है — कि अगर कुछ गड़बड़ हुई, तो शिकायत का एक कानूनी रास्ता मौजूद है।
प्रोजेक्ट की वैधता व प्रमाणिकता
RERA में पंजीकृत प्रोजेक्ट सामान्यतः सरकारी स्वीकृति प्राप्त होते हैं। क्योंकि रजिस्ट्रेशन के पहले डेवलपर को तमाम वैध कागज़ जमा करने होते हैं।
इस तरह आप धोखा देने वाले प्रोजेक्ट से बच सकते हैं।
बाजार में भरोसा और स्थिरता
जब रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स RERA मानदंडों का पालन करते हैं, तो खरीदारों का विश्वास बढ़ता है।
इससे पूरे बाज़ार में स्थिरता आती है और अनियंत्रित, अवैध प्रोजेक्ट्स की जगह कम होती है।
RERA कैसे चेक करें – आसान स्टेप्स

- अपने राज्य की RERA ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएँ (जैसे MahaRERA, UPRERA आदि)।
- “Project / Promoter Search” या “Registered Projects” सेक्शन में जाएँ।
- वहाँ प्रोजेक्ट का नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
- रजिस्ट्रेशन स्टेटस, अनुमोदन स्थिति, लाइसेंस और वैधता देखें।
- प्रोजेक्ट के कॉन्ट्रैक्ट, Title Deed, नक्शा, बिल्डिंग लाइसेंस आदि कागज़ों से मिलान करें।
- यदि उपलब्ध हो, तो तिमाही (Quarterly) प्रगति रिपोर्ट देखें।
निष्कर्ष
RERA चेक करना मतलब — अपने निवेश को सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना।
यह आपको देरी, धोखा या अनधिकृत प्रोजेक्ट से बचाता है।
अगर कोई प्रोजेक्ट RERA पंजीकृत नहीं है — तो उसमें निवेश करना जोखिम भरा है।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: प्रॉपर्टी का RERA रजिस्ट्रेशन नंबर कैसे चेक करें?

घर खरीदना सिर्फ़ सपना पूरा करने की बात नहीं, बल्कि जीवन का सबसे बड़ा निवेश होता है। लेकिन अक्सर खरीदारों को अधूरे प्रोजेक्ट, डुप्लीकेट डॉक्युमेंट्स और झूठे वादों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं से बचाने के लिए सरकार ने Real Estate Regulatory Authority (RERA) Act 2016 लागू किया। इस कानून के तहत हर बिल्डर और प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है।
अगर आप गुरुग्राम या हरियाणा में फ्लैट, प्लॉट या विला खरीद रहे हैं, तो सबसे पहले उसका RERA रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करना बेहद ज़रूरी है।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: हरियाणा में RERA रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करने का आसान तरीका
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: Haryana RERA Official Portal
- होमपेज पर दो विकल्प मिलेंगे:
- Gurugram RERA Authority Panchkula RERA Authority
अगर प्रोजेक्ट अंबाला, करनाल, पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र आदि में है तो Panchkula RERA Authority चुनें। - अब Registered Projects या Registered Real Estate Agents सेक्शन पर क्लिक करें।
- यहाँ आप इन डिटेल्स से सर्च कर सकते हैं:
- प्रोजेक्ट का नाम
- बिल्डर/प्रमोटर का नाम
- जिला/लोकेशन
- सीधा RERA रजिस्ट्रेशन नंबर
- सर्च रिज़ल्ट में आपको मिलेगा:
- प्रोजेक्ट का नाम और पता
- बिल्डर/प्रमोटर की जानकारी
- आधिकारिक RERA रजिस्ट्रेशन नंबर
- अप्रूव्ड लेआउट और डॉक्युमेंट्स
- प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति (Under Construction/Completed)
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: नकली RERA नंबर से कैसे बचें?

- असली RERA नंबर हमेशा HRERA/GGM/ (गुरुग्राम) या HRERA/PKL/ (पंचकूला) जैसे कोड से शुरू होता है।
- अगर वेबसाइट पर नंबर डालने के बाद जानकारी न मिले, तो प्रॉपर्टी संदिग्ध हो सकती है।
- सिर्फ़ आधिकारिक हरियाणा RERA वेबसाइट से ही जानकारी चेक करें, किसी एजेंट या थर्ड-पार्टी लिंक से नहीं।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: क्यों ज़रूरी है RERA चेक करना?
- खरीदार को फर्जी प्रोजेक्ट से सुरक्षा मिलती है।
- प्रोजेक्ट की कानूनी स्थिति और अप्रूवल साफ होता है।
- समय पर डिलीवरी और प्रगति की जानकारी मिलती है।
- बिल्डर की जवाबदेही तय होती है।
- गुरुग्राम जैसे बड़े रियल एस्टेट हब में, जहां रोज़ नए प्रोजेक्ट लॉन्च होते हैं, वहां RERA चेक करना खरीदार के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
निष्कर्ष
गुरुग्राम या हरियाणा में घर/फ्लैट खरीदने से पहले RERA रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच करना आपकी जिम्मेदारी है। यह छोटा-सा कदम आपको लाखों रुपये के नुकसान, धोखाधड़ी और कानूनी झंझटों से बचा सकता है। सुरक्षित निवेश के लिए हमेशा आधिकारिक HRERA पोर्टल पर ही भरोसा करें।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: Haryana RERA वेबसाइट से प्रोजेक्ट डिटेल्स और शिकायत दर्ज करने की पूरी गाइड
घर खरीदना हर इंसान का सबसे बड़ा सपना और जीवन का अहम निवेश होता है। लेकिन कई बार खरीदारों को बिल्डरों की वादाखिलाफी, अधूरे प्रोजेक्ट और डिलीवरी में देरी जैसी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं से बचाने और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए Haryana Real Estate Regulatory Authority (HRERA) बनाई गई है।
यह पोर्टल खरीदारों को पंजीकृत प्रोजेक्ट्स की पूरी जानकारी उपलब्ध कराता है और ज़रूरत पड़ने पर शिकायत दर्ज करने का विकल्प भी देता है।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: HRERA पर प्रोजेक्ट की जानकारी कैसे देखें?
ऑफिसियल वेबसाइट खोलें
सबसे पहले HRERA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
Search Project पर क्लिक करें
होमपेज पर आपको Search Project का विकल्प मिलेगा।
प्रोजेक्ट की डिटेल डालें
सर्च करने के लिए आप इन विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:
- प्रोजेक्ट का नाम
- बिल्डर / Promoter का नाम
- रजिस्ट्रेशन नंबर
- जिला / वर्ष
प्रोजेक्ट डिटेल्स देखें
सर्च रिज़ल्ट से “View Details” पर क्लिक करें। यहाँ आपको यह जानकारी मिलेगी:
- प्रोजेक्ट का लोकेशन और पूरा पता
- बिल्डर / Promoter का नाम
- Possession / Delivery Timeline
- Registration Validity (रजिस्ट्रेशन कब तक वैध है)
- Uploaded Documents (Layout Plan, NOC, Agreement, OC/CC)
- Quarterly Progress Report
इस तरह आप किसी भी प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता और प्रगति को आसानी से चेक कर सकते हैं।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: HRERA पर शिकायत (Complaint) कैसे दर्ज करें?
अगर बिल्डर समय पर फ्लैट का हैंडओवर नहीं करता, घटिया निर्माण करता है या समझौते का उल्लंघन करता है, तो आप HRERA पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
Complaint Registration सेक्शन में जाएँ
HRERA की वेबसाइट पर Complaint Registration का विकल्प चुनें।
Login / Register करें
पहली बार उपयोग कर रहे हैं तो नया अकाउंट बनाएँ, अन्यथा Login करें।
Complaint Form भरें
फॉर्म में यह जानकारी भरें:
- प्रोजेक्ट का नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर
- बिल्डर का नाम
- समस्या का विवरण (Delay, Agreement Breach आदि)
- सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स (Allotment Letter, Receipts, Agreement Copy)
शुल्क जमा करें
- Complaint Fee: ₹1000
- Annexure Fee: ₹10 प्रति पेज
बिल्डर को कॉपी भेजें
शिकायत की एक कॉपी आपको Speed Post और E-mail से बिल्डर को भेजनी होगी।
सुनवाई और फैसला
- HRERA सुनवाई की तारीख तय करेगा
- दोनों पक्षों की बातें सुनी जाएँगी
- सुनवाई पूरी होने के बाद अंतिम आदेश (Final Order) जारी किया जाएगा
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: क्यों ज़रूरी है HRERA चेक करना?
- खरीदार को कानूनी सुरक्षा मिलती है
- प्रोजेक्ट की पारदर्शिता सुनिश्चित होती है
- बिल्डर को समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने की बाध्यता होती है
- किसी भी समस्या की स्थिति में खरीदार को न्याय और मुआवज़ा मिल सकता है
इस गाइड से आप आसानी से Haryana RERA Portal पर प्रोजेक्ट की जानकारी देख सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: HRERA में शिकायत (Complaint) कैसे करें?
अगर आप हरियाणा में फ्लैट या प्लॉट खरीद रहे हैं और बिल्डर समय पर पजेशन नहीं दे रहा, घटिया क्वालिटी का काम कर रहा है या एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है, तो आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। ऐसे मामलों में खरीदार को HRERA (Haryana Real Estate Regulatory Authority) पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने का पूरा अधिकार है।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: HRERA में Complaint दर्ज करने का तरीका
Complaint Registration सेक्शन पर जाएं
सबसे पहले HRERA Official Website पर जाएं और Complaint Registration सेक्शन खोलें।
Login / Register करें
यदि आपका अकाउंट नहीं है तो नया अकाउंट बनाएं (Register करें)। अगर पहले से रजिस्टर्ड हैं तो सीधे लॉगिन करें।
Complaint Form भरें
अब Complaint Form को सावधानी से भरें। इसमें यह जानकारी ज़रूरी है:
- प्रोजेक्ट का नाम और उसका RERA रजिस्ट्रेशन नंबर
- बिल्डर / प्रमोटर का नाम
- समस्या का विवरण (जैसे—डिले, क्वालिटी इश्यू, एग्रीमेंट ब्रेक आदि)
- सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें (Allotment Letter, Payment Receipts, Agreement Copy आदि)
फीस का भुगतान करें
- Complaint Fee: ₹1000
- Annexure Fee: ₹10 प्रति पेज
बिल्डर को कॉपी भेजें
आपको अपनी शिकायत की एक कॉपी Speed Post और E-mail के माध्यम से बिल्डर को भेजना ज़रूरी है।
सुनवाई और निर्णय
- HRERA सुनवाई की तारीख तय करेगा
- दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी
- अंतिम आदेश HRERA की आधिकारिक वेबसाइट पर पब्लिश किया जाएगा
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: Haryana RERA चेक करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
बिल्डर का RERA रजिस्ट्रेशन नंबर
हर प्रोजेक्ट का एक यूनिक RERA नंबर होता है। घर खरीदने से पहले हमेशा बिल्डर का RERA नंबर जांचें। अगर नंबर सही नहीं है तो प्रोजेक्ट में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
प्रोजेक्ट की डिलीवरी डेट
RERA में दर्ज प्रोजेक्ट की डिलीवरी डेट ज़रूर देखें। अगर प्रोजेक्ट निर्धारित समय पर पूरा नहीं होता तो खरीदार को मुआवज़ा और ब्याज पाने का हक है।
लीगल अप्रूवल्स और डॉक्यूमेंट्स
यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि प्रोजेक्ट के पास सभी आवश्यक कानूनी अनुमतियां हों। इसमें शामिल हैं—जमीन की मालिकाना हक के कागज़ात, बिल्डिंग प्लान की मंज़ूरी, पर्यावरण की स्वीकृति और पानी-बिजली की NOC।
प्रोजेक्ट की प्रगति (Updates)
हरियाणा RERA पोर्टल पर प्रोजेक्ट की क्वार्टरली प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध होती है। इन्हें देखकर खरीदार यह समझ सकते हैं कि काम कितनी तेजी से हो रहा है और क्या समय पर पूरा होगा।
Escrow Account में पैसों की सुरक्षा
RERA नियमों के तहत बिल्डर को खरीदारों से ली गई राशि का एक बड़ा हिस्सा Escrow Account में रखना पड़ता है। इस पैसे का उपयोग केवल उसी प्रोजेक्ट के लिए किया जा सकता है, जिससे निवेश सुरक्षित रहता है।
शिकायत करने की सुविधा
अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी होती है तो खरीदार सीधे HRERA में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह ट्रिब्यूनल खरीदार की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करता है।
निष्कर्ष
घर खरीदना ज़िंदगी का सबसे बड़ा निवेश होता है। इसलिए यह बेहद ज़रूरी है कि आप बिल्डर का RERA नंबर, प्रोजेक्ट की डिलीवरी डेट, लीगल अप्रूवल्स, प्रोजेक्ट अपडेट्स और Escrow Account ज़रूर जांचें। और अगर कोई समस्या सामने आती है, तो बिना देर किए HRERA में शिकायत दर्ज करें।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: नकली या RERA में पंजीकरणहीन प्रॉपर्टी कैसे पहचानें?
भारत में घर या फ्लैट खरीदना किसी भी व्यक्ति का सबसे बड़ा निवेश होता है। लेकिन रियल एस्टेट सेक्टर में धोखाधड़ी और अधूरे प्रोजेक्ट्स की वजह से खरीदारों को कई बार नुकसान उठाना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं से बचाने के लिए सरकार ने RERA (Real Estate Regulatory Authority) कानून लागू किया।
इसके तहत हर बिल्डर और प्रोजेक्ट का RERA पंजीकरण होना अनिवार्य है। फिर भी आज भी कई प्रोजेक्ट बिना रजिस्ट्रेशन के बेचे जाते हैं और कुछ बिल्डर तो नकली (Fake) RERA नंबर दिखाकर ग्राहकों को भ्रमित करते हैं। इसलिए प्रॉपर्टी खरीदने से पहले पूरी जांच करना ज़रूरी है।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: नकली या RERA में पंजीकरणहीन प्रॉपर्टी पहचानने के तरीके
RERA रजिस्ट्रेशन नंबर अवश्य जांचें
हर वैध प्रोजेक्ट का एक यूनिक RERA रजिस्ट्रेशन नंबर होता है।
अगर बिल्डर नंबर देने से बचता है या गलत जानकारी देता है, तो यह एक बड़ा चेतावनी संकेत है।
RERA की आधिकारिक वेबसाइट पर वेरिफिकेशन करें
किसी भी प्रोजेक्ट का स्टेटस चेक करने के लिए आप सीधे HRERA हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर सत्यापन कर सकते हैं।
अगर प्रोजेक्ट का नाम वहां उपलब्ध नहीं है, तो समझ लें कि वह प्रोजेक्ट पंजीकृत नहीं है।
बिल्डर की दी हुई जानकारी मिलाएँ
कई बार बिल्डर नकली RERA नंबर दिखाते हैं।
ऐसे में आप आधिकारिक साइट पर जाकर बिल्डर का नाम, प्रोजेक्ट का पता, अप्रूवल डेट और कम्प्लीशन डेट मिलाएँ। अगर जानकारी मेल नहीं खाती तो प्रोजेक्ट संदिग्ध है।
विज्ञापन और ब्रॉशर में RERA नंबर देखें
कानून के अनुसार हर विज्ञापन, वेबसाइट और ब्रॉशर में RERA नंबर होना अनिवार्य है।
अगर कहीं भी यह नंबर नहीं दिया गया है, तो वह प्रोजेक्ट भरोसेमंद नहीं माना जा सकता।
एग्रीमेंट (चुक्तिपत्र) की जांच करें
RERA पंजीकृत प्रोजेक्ट्स में खरीदार और बिल्डर के बीच किए गए एग्रीमेंट में प्रोजेक्ट नंबर और सभी शर्तें साफ़-साफ़ लिखी जाती हैं।
अगर ऐसा नहीं है, तो यह धोखाधड़ी का संकेत है।
टाइमलाइन और अप्रूवल डॉक्यूमेंट्स देखें
RERA पंजीकृत प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी टाइमलाइन और अप्रूवल डॉक्यूमेंट्स पोर्टल पर उपलब्ध होते हैं।
फर्जी प्रोजेक्ट्स में ये दस्तावेज़ नहीं होते और सिर्फ़ मौखिक वादे किए जाते हैं।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: किन संकेतों पर तुरंत सावधान हो जाएँ?
- बिल्डर बार-बार पैसे जमा करने का दबाव डाले।
- कैश पेमेंट माँगी जाए लेकिन आधिकारिक रसीद न दी जाए।
- “अभी बुकिंग नहीं की तो मौका निकल जाएगा” जैसी बातें की जाएँ।
- कहा जाए कि प्रोजेक्ट छोटा है और इसलिए RERA पंजीकरण की ज़रूरत नहीं।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: RERA कानून में प्रॉपर्टी खरीदार के अधिकार
भारत सरकार ने RERA (Real Estate Regulatory Authority) कानून 2016 में लागू किया ताकि प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों को पारदर्शिता और सुरक्षा मिले। अक्सर देखा गया है कि बिल्डर समय पर घर नहीं सौंपते, पैसे लेकर काम अधूरा छोड़ देते हैं या फिर खरीदार को गुमराह करते हैं। RERA इन सभी समस्याओं का समाधान करता है और खरीदारों को कानूनी रूप से मजबूत अधिकार देता है।
पैसों की सुरक्षा
RERA कानून के तहत बिल्डर को किसी भी प्रोजेक्ट की कुल लागत का कम से कम 70% हिस्सा अलग एस्क्रो अकाउंट में जमा करना जरूरी है। यह राशि केवल उसी प्रोजेक्ट के निर्माण और विकास में उपयोग की जाती है। इससे खरीदार का पैसा सुरक्षित रहता है और उसका दुरुपयोग होने की संभावना खत्म हो जाती है।
समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी
RERA यह सुनिश्चित करता है कि खरीदार को उसकी प्रॉपर्टी समय पर मिले। यदि बिल्डर निर्धारित समय पर फ्लैट का कब्ज़ा देने में असफल होता है, तो खरीदार को मुआवजा पाने या ब्याज समेत रकम वापस लेने का अधिकार है। इस नियम से खरीदार निश्चिंत हो जाता है कि उसका निवेश सुरक्षित है और घर तय समय पर मिलेगा।
कानूनी शिकायत का अधिकार
RERA कानून खरीदारों को यह सुविधा देता है कि वे सीधे RERA ट्रिब्यूनल या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकें। यदि बिल्डर समझौते का उल्लंघन करता है, तो खरीदार केस कर सकता है और तेज़ी से समाधान प्राप्त कर सकता है। इससे खरीदारों के अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित रहते हैं।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: हरियाणा RERA ऑफिशियल वेबसाइट – प्रोजेक्ट और शिकायत से जुड़ी पूरी जानकारी
घर या फ्लैट खरीदना हर इंसान का सबसे बड़ा सपना होता है। लेकिन कई बार बिल्डर समय पर कब्ज़ा नहीं देते, घटिया क्वालिटी का काम करते हैं या कानूनी अड़चनों में उलझा देते हैं। इन समस्याओं से बचाने के लिए ही सरकार ने RERA (Real Estate Regulatory Authority) लागू किया।
हरियाणा में रियल एस्टेट मामलों को संभालने के लिए दो अलग-अलग RERA पोर्टल बनाए गए हैं-
- मुख्य साइट:- haryanarera.gov.in
- गुरुग्राम (Gurugram) क्षेत्र के लिए अलग साइट:- hareraggm.gov.in
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच: हरियाणा RERA पर क्या-क्या कर सकते हैं?
प्रोजेक्ट खोजना
अगर आप कोई फ्लैट या प्लॉट खरीद रहे हैं, तो सबसे पहले उसका RERA रजिस्ट्रेशन चेक करना ज़रूरी है।
- होमपेज पर जाकर Project Registration → Search Projects ऑप्शन चुनें।
- प्रोजेक्ट का नाम, जिला या RERA नंबर डालकर सर्च करें।
- आपको प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी मिल जाएगी जैसे – बिल्डर का नाम, मंजूरी की स्थिति, कब्ज़ा देने की तारीख आदि।
नया प्रोजेक्ट पंजीकरण
बिल्डर या डेवलपर को प्रोजेक्ट लॉन्च करने से पहले RERA में पंजीकरण करना होता है।
- इसके लिए Signup to register a Project सेक्शन का उपयोग किया जाता है।
- यहाँ सभी ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं और ऑनलाइन शुल्क जमा करना होता है।
शिकायत दर्ज करना
अगर बिल्डर समझौते का पालन नहीं करता, कब्ज़ा देर से देता है या निर्माण की क्वालिटी खराब है, तो आप HRERA पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- Complaint Registration सेक्शन खोलें।
- ऑनलाइन फॉर्म भरें और निर्धारित शुल्क जमा करें।
- आपकी शिकायत रजिस्टर हो जाएगी और उस पर सुनवाई की जाएगी।
शिकायत की स्थिति देखना (Track Complaint Status)
शिकायत दर्ज करने के बाद आप उसकी स्थिति भी देख सकते हैं।
- Search Complaint विकल्प पर जाएं।
- केस नंबर या वर्ष दर्ज करके अपडेट देखें।
एजेंट पंजीकरण और सत्यापन (Agent Registration & Verification)
रियल एस्टेट एजेंट को भी HRERA में पंजीकरण कराना ज़रूरी है।
- इसके लिए अलग Agent Registration सेक्शन मौजूद है।
- साथ ही Registered Agents List से यह देखा जा सकता है कि कोई एजेंट वास्तव में HRERA से प्रमाणित है या नहीं।
क्यों ज़रूरी है RERA चेक करना?
हरियाणा RERA आपके निवेश को सुरक्षित बनाता है। RERA में रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट या एजेंट पर कार्रवाई संभव है और खरीदार को न्याय दिलाने के लिए क़ानूनी रास्ता मिलता है।
प्रॉपर्टी खरीदते समय RERA की जांच से जुड़े 10 महत्वपूर्ण FAQ
Q1. RERA क्या है और इसे क्यों लागू किया गया?
RERA (Real Estate Regulatory Authority) भारत सरकार द्वारा 2016 में लागू किया गया एक कानून है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रॉपर्टी मार्केट में पारदर्शिता लाना, बिल्डरों की मनमानी रोकना और घर खरीदारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है।
Q2. RERA नंबर का क्या महत्व है?
हर प्रोजेक्ट को RERA में पंजीकरण के बाद एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है। यह नंबर यह प्रमाणित करता है कि प्रोजेक्ट वैध है और सरकारी नियमों के तहत रजिस्टर्ड है।
Q3. RERA नंबर ऑनलाइन कैसे चेक करें?
खरीदार अपने राज्य की आधिकारिक RERA वेबसाइट पर जाकर प्रोजेक्ट का नाम, लोकेशन या RERA नंबर डालकर आसानी से इसकी स्थिति की जांच कर सकते हैं।
Q4. क्या सभी प्रोजेक्ट्स का RERA रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है?
हाँ, यदि किसी प्रोजेक्ट का एरिया 500 वर्ग मीटर से अधिक है या उसमें 8 से ज्यादा फ्लैट/यूनिट हैं, तो उसका RERA में रजिस्ट्रेशन करना ज़रूरी है।
Q5. नकली या फर्जी RERA नंबर कैसे पहचानें?
केवल आधिकारिक RERA वेबसाइट पर उपलब्ध लिस्टिंग ही असली होती है। यदि कोई नंबर वेबसाइट पर नहीं मिलता, तो वह नकली हो सकता है। इसलिए हमेशा क्रॉस-चेक करना ज़रूरी है।
Q6. अगर कोई प्रोजेक्ट RERA में रजिस्टर्ड नहीं है तो क्या करें?
ऐसे प्रोजेक्ट में निवेश करने से बचें। बिना रजिस्ट्रेशन के खरीदार को कानूनी सुरक्षा और समय पर डिलीवरी की गारंटी नहीं मिलती।
Q7. RERA रजिस्ट्रेशन की जांच के लिए कौन-कौन सी जानकारी चाहिए?
प्रोजेक्ट का नाम, बिल्डर का नाम, लोकेशन और RERA रजिस्ट्रेशन नंबर – इन डिटेल्स से आप आसानी से रजिस्ट्रेशन स्टेटस देख सकते हैं।
- Q8. RERA जांच करने से खरीदार को क्या फायदे होते हैं?
- बिल्डर की जिम्मेदारी तय होती है
- समय पर प्रॉपर्टी की डिलीवरी होती है
- पारदर्शिता बनी रहती है
- धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से बचाव होता है
- खरीदार को कानूनी सुरक्षा मिलती है
Q9. क्या खरीदार RERA के तहत शिकायत दर्ज कर सकते हैं?
हाँ, यदि बिल्डर अनुबंध का पालन नहीं करता, कब्ज़ा देने में देरी करता है या घटिया निर्माण करता है तो खरीदार RERA पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
Q10. RERA जांच करने का सबसे आसान तरीका क्या है?
अपने राज्य की आधिकारिक RERA वेबसाइट खोलें, “Search Project/Agent” विकल्प चुनें और प्रोजेक्ट का नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर उसकी जानकारी प्राप्त करें।
यह भी पढ़ें – पहले घर खरीदने वालों के लिए गुरुग्राम में बेस्ट सेक्टर्स – 2025 गाइड
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