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गुरुग्रामवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। शहर में जल्द ही दो नए फ्लाईओवर (Gurugram Flyover 2025) बनने जा रहे हैं, जो रोजाना लगने वाले जाम को काफी कम करेंगे।
इनमें से एक फ्लाईओवर दादी सती चौक (Dadi Sati Chowk) पर और दूसरा अंबेडकर चौक (Ambedkar Chowk) पर बनाया जाएगा।
Gurugram Flyover 2025 के तहत बनेगा तीन और दो लेन का फ्लाईओवर
योजना के अनुसार, दादी सती चौक फ्लाईओवर तीन लेन (three-lane flyover) का होगा, जबकि अंबेडकर चौक फ्लाईओवर दो लेन (two-lane flyover) का निर्माण किया जाएगा।
इन दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण पर कुल ₹111 करोड़ की लागत आने का अनुमान है, जिसे GMDA (Gurugram Metropolitan Development Authority) और हरियाणा सरकार मिलकर पूरा करेंगी।
Gurugram Flyover 2025 परियोजना शहर के सबसे व्यस्त और जामग्रस्त क्षेत्रों को ट्रैफिक से राहत दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
दादी सती चौक और अंबेडकर चौक दोनों ही गुरुग्राम के ऐसे प्रमुख इंटरसेक्शन हैं, जहाँ रोज़ाना हजारों वाहन सुबह और शाम के समय घंटों तक जाम में फँसते हैं।
इस परियोजना के तहत फ्लाईओवरों के साथ-साथ सिग्नल सिस्टम को भी अपग्रेड किया जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही बिना रुकावट के जारी रह सके।
GMDA के अनुसार, यह निर्माण स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ा होगा, जिसमें सीसीटीवी मॉनिटरिंग और डिजिटल ट्रैफिक सेंसिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
इसके साथ ही, फ्लाईओवरों के नीचे ग्रीन बेल्ट और पैदल यात्री मार्ग भी विकसित किए जाएंगे, जिससे यह सिर्फ एक ट्रैफिक समाधान नहीं, बल्कि एक सौंदर्य-वर्धक शहरी परियोजना भी बन सके।
प्रशासन का मानना है कि Gurugram Flyover 2025 पूरा होने के बाद शहर की मुख्य सड़कों पर जाम में 30–40% तक की कमी आएगी और ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण स्तर में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।
Gurugram Flyover 2025 से मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत
Gurugram Flyover 2025 के पूरा होने से शहर के ट्रैफिक सिस्टम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
वर्तमान में दादी सती चौक और अंबेडकर चौक दोनों ही ऐसे पॉइंट हैं जहाँ सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
दफ्तरों, स्कूलों और औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जाने वाले रास्तों में यह दोनो चौराहे “बॉटलनेक” बन चुके हैं।
नए फ्लाईओवर बनने से इन क्षेत्रों में वाहन बिना रुकावट के गुजर सकेंगे, जिससे औसतन यात्रा समय में 25 से 30 प्रतिशत की कमी आएगी।
GMDA का कहना है कि इस बदलाव से हर दिन हजारों लीटर ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।
इसके अलावा, शहर में बढ़ते कॉर्पोरेट ऑफिस, आईटी पार्क और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को देखते हुए यह फ्लाईओवर भविष्य के ट्रैफिक दबाव को संभालने के लिए भी आवश्यक हैं।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि Gurugram Flyover 2025 शहर की कनेक्टिविटी को न सिर्फ बेहतर बनाएगा, बल्कि इसे दिल्ली-एनसीआर का सबसे ट्रैफिक-फ्रेंडली शहर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम होगा।
स्थानीय निवासियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि यह प्रोजेक्ट “जाम-मुक्त गुरुग्राम” की दिशा में एक सच्ची शुरुआत है।
शहर के विकास की नई दिशा – Gurugram Flyover 2025 और Smart City Vision
Gurugram Flyover 2025 सिर्फ एक ट्रैफिक राहत परियोजना नहीं, बल्कि गुरुग्राम के Smart City Vision 2025 का एक अहम हिस्सा है।
शहर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए GMDA, नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण मिलकर कार्य कर रहे हैं।
इस परियोजना का लक्ष्य है कि ट्रैफिक समाधान के साथ-साथ नागरिकों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सक्षम शहरी अनुभव प्रदान किया जाए।
इन नए फ्लाईओवरों के निर्माण के साथ शहर में स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम, LED स्ट्रीट लाइट्स, और CCTV-आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम भी जोड़े जाएंगे।
इससे शहर के प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक का प्रवाह रियल-टाइम में नियंत्रित किया जा सकेगा।
साथ ही, फ्लाईओवरों के नीचे हरियाली को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन जोन और वॉकवे पाथ विकसित किए जाएंगे, जिससे शहर का सौंदर्य भी निखरेगा।
यह प्रयास गुरुग्राम को एक “स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी” के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
विकास विशेषज्ञों का कहना है कि Gurugram Flyover 2025 परियोजना से न केवल ट्रैफिक में सुधार होगा, बल्कि निवेश और रियल एस्टेट सेक्टर को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
इससे गुरुग्राम का भविष्य और भी अधिक संगठित, सुविधाजनक और आकर्षक बनेगा।
अधिक जानकारी और आधिकारिक अपडेट के लिए GMDA की वेबसाइट पर जाएं, जहाँ गुरुग्राम के सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की जानकारी उपलब्ध है।
Gurugram Flyover 2025 और रियल एस्टेट विकास का संबंध
शहर में ट्रैफिक सुधार के साथ-साथ रियल एस्टेट मार्केट में भी तेजी देखी जा रही है।
Gurgaon Property Update 2025 रिपोर्ट के अनुसार, नए फ्लाईओवर बनने से आस-पास के इलाकों जैसे सेक्टर 14, सेक्टर 17 और ओल्ड गुरुग्राम में प्रॉपर्टी वैल्यू में वृद्धि की संभावना है।
निवेशकों और व्यापारियों का मानना है कि Gurugram Flyover 2025 न केवल आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि शहर के रियल एस्टेट सेक्टर को भी नई दिशा देगा।
जनहित योजनाओं में निरंतरता – Pulse Polio Campaign और Gurugram Flyover 2025
गुरुग्राम प्रशासन सिर्फ विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य पर भी बराबर ध्यान दे रहा है।
हाल ही में शुरू हुआ Pulse Polio Campaign Gurugram 2025 इसका उदाहरण है, जिसमें 3.97 लाख बच्चों को पोलियो की दो बूंदें दी जा रही हैं।
प्रशासन का फोकस है कि शहर में स्वास्थ्य, यातायात और आधारभूत संरचना — तीनों को एक साथ मजबूत किया जाए।
हरियाणा सरकार की HSVP वेबसाइट पर भी गुरुग्राम के विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।

Gurugram Flyover 2025 – नागरिकों की उम्मीदों का नया प्रतीक
Gurugram Flyover 2025 प्रोजेक्ट को लेकर शहरवासियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ट्रैफिक गुरुग्राम की सबसे बड़ी समस्या बन गया था, और यह कदम लंबे समय से प्रतीक्षित राहत लेकर आया है।
सेक्टर 14, ओल्ड सिटी और MG रोड के आसपास रहने वाले नागरिकों का मानना है कि दादी सती चौक और अंबेडकर चौक फ्लाईओवर बनने के बाद रोजमर्रा की यात्रा सुगम और समय बचाने वाली होगी।
ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल बसों और व्यापारियों को भी इससे बड़ी राहत मिलेगी।
प्रशासनिक स्तर पर, GMDA और हरियाणा सरकार का उद्देश्य इस प्रोजेक्ट को सिर्फ निर्माण कार्य तक सीमित न रखकर एक सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट मॉडल बनाना है।
उपायुक्त अजय कुमार सिंह (IAS) ने कहा है कि गुरुग्राम को ट्रैफिक, स्वच्छता और नागरिक जीवन के हर पहलू में एक “मॉडल सिटी” बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
नागरिकों को भरोसा है कि Gurugram Flyover 2025 न केवल जाम से राहत देगा बल्कि शहर को विकास, स्वच्छता और सुव्यवस्थित यातायात के मामले में एक नई पहचान भी दिलाएगा।
Gurugram Flyover 2025 प्रोजेक्ट के तहत कौन-कौन से फ्लाईओवर बन रहे हैं?
इस प्रोजेक्ट के तहत दो नए फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं — एक दादी सती चौक (Dadi Sati Chowk) पर और दूसरा अंबेडकर चौक (Ambedkar Chowk) पर।
इन फ्लाईओवरों पर कुल कितनी लागत आएगी?
दोनों फ्लाईओवरों की कुल लागत लगभग ₹111 करोड़ तय की गई है, जिसे GMDA (Gurugram Metropolitan Development Authority) और हरियाणा सरकार मिलकर वहन करेंगे।
Gurugram Flyover 2025 प्रोजेक्ट से ट्रैफिक में कितनी राहत मिलने की उम्मीद है?
अधिकारियों के अनुसार, फ्लाईओवरों के निर्माण के बाद 25–30% तक ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और यात्रा समय भी घटेगा।
फ्लाईओवरों का काम कब तक पूरा होने की संभावना है?
हालाँकि सटीक तारीख तय नहीं है, परंतु GMDA का लक्ष्य है कि इन दोनों फ्लाईओवरों को 2026 की शुरुआत तक पूरा कर लिया जाए।
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