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GRAP II Stage 2025 क्या है – समझिए पूरा सिस्टम
दिल्ली NCR की बढ़ती वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने GRAP II Stage 2025 लागू किया है। यह एक ऐसी योजना है जो वायु गुणवत्ता (Air Quality Index) के स्तर के आधार पर चरणबद्ध कार्यवाही (graded response) सुनिश्चित करती है।
इसका मकसद है कि जैसे ही हवा की गुणवत्ता “बहुत खराब” (Very Poor) स्तर पर पहुंचती है, तुरंत ठोस और असरदार कदम उठाए जाएं ताकि प्रदूषण को बढ़ने से रोका जा सके।
GRAP II Stage 2025 एक environmental emergency action system है जिसे CPCB (Central Pollution Control Board) और CAQM (Commission for Air Quality Management) द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह योजना राजधानी और उसके आसपास के सभी इलाकों — जैसे गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और दिल्ली — में एक समान रूप से लागू की जाती है।
GRAP (Graded Response Action Plan) का उद्देश्य क्या है
GRAP का मुख्य उद्देश्य है वायु प्रदूषण के स्तर के अनुसार त्वरित प्रतिक्रिया देना (graded action mechanism)।
इस योजना के तहत प्रदूषण को चार स्तरों में बांटा गया है —
Moderate to Poor (AQI 101–200)
Very Poor (AQI 201–300)
Severe (AQI 301–400)
Severe Plus (AQI 401–500)
जब वायु गुणवत्ता “Very Poor” श्रेणी में पहुंचती है, तब GRAP II Stage लागू किया जाता है। इस स्टेज का उद्देश्य है:
निर्माण और धूल फैलाने वाले कार्यों को सीमित करना
डीज़ल जेनरेटर के उपयोग पर रोक लगाना
सड़क की धूल और कचरा जलाने पर सख्त कार्रवाई करना
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाना
इसका अंतिम लक्ष्य है — दिल्ली NCR की हवा को “Severe” श्रेणी में जाने से रोकना और आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना।
क्यों लागू किया गया GRAP II Stage दिल्ली NCR में
दिल्ली NCR में सर्दी की शुरुआत के साथ ही हवा की गति धीमी हो जाती है और प्रदूषक तत्व (PM2.5 व PM10) वायुमंडल में फंस जाते हैं।
इस समय हवा में धुआं, धूल और औद्योगिक उत्सर्जन मिलकर “जहरीला मिश्रण” तैयार करते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ़, आंखों में जलन और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
इन्हीं परिस्थितियों से निपटने के लिए GRAP II Stage 2025 लागू किया गया है, ताकि प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने से पहले ही आवश्यक नियंत्रण कदम उठाए जा सकें।
यह स्टेज केवल सरकारी कदम नहीं है, बल्कि नागरिक सहयोग पर भी आधारित है — यानी जब तक लोग खुद पर्यावरण हितैषी आदतें नहीं अपनाएंगे, तब तक यह योजना सफल नहीं होगी।
कब से लागू होंगे GRAP II Stage के नियम
GRAP II Stage 2025 के नियम अक्टूबर 2025 के तीसरे सप्ताह से दिल्ली NCR में लागू हो चुके हैं, जब वायु गुणवत्ता “बहुत खराब” श्रेणी में पहुंच गई थी।
CAQM ने आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए यह घोषणा की कि अगले आदेश तक सभी एजेंसियां GRAP-II के तहत निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करेंगी।
इन नियमों के अंतर्गत:
निर्माण स्थलों की निगरानी बढ़ाई जाएगी
धूल नियंत्रण उपाय (dust suppression) किए जाएंगे
सार्वजनिक और निजी भवनों में डीज़ल जेनरेटर के उपयोग को प्रतिबंधित किया जाएगा
कचरा जलाने और खुले में धुआं फैलाने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी
इन कदमों से उम्मीद है कि दिवाली और सर्दी के मौसम में प्रदूषण का स्तर घटेगा और नागरिकों को “सांस लेने लायक हवा” मिल सकेगी।
दिल्ली NCR की वायु गुणवत्ता (AQI) और प्रदूषण की वर्तमान स्थिति
GRAP II Stage 2025 लागू होने के पीछे सबसे बड़ा कारण है दिल्ली NCR में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता (Air Quality Index – AQI)। अक्टूबर 2025 में प्रदूषण का स्तर फिर से “बहुत खराब” श्रेणी में पहुंच चुका है। राजधानी की हवा में धूल, धुआं और वाहन उत्सर्जन का मिश्रण इतना घना हो गया है कि सुबह की धूप तक धुंध से ढकी दिखाई देती है।
CPCB की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI इस महीने 360 के पार दर्ज किया गया है, जो Stage II (Very Poor) श्रेणी की सीमा से भी अधिक है।
अक्टूबर 2025 में AQI स्तर कितनी गिरावट दिखा रहा है
अक्टूबर 2025 के पहले सप्ताह में दिल्ली NCR का AQI औसतन 280–320 के बीच था, लेकिन तीसरे सप्ताह तक यह बढ़कर 380–400 तक पहुंच गया — यानी करीब 20% की गिरावट वायु गुणवत्ता में।
विशेष रूप से आनंद विहार, द्वारका, रोहिणी, गुरुग्राम, और नोएडा जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है।
मुख्य कारणों में वाहनों की बढ़ती आवाजाही, निर्माण कार्य, और कचरा जलाने की घटनाएं शामिल हैं।
ऐसे में GRAP II Stage 2025 को लागू करना जरूरी हो गया ताकि हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 के स्तर को जल्द नियंत्रित किया जा सके।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज हुआ
CPCB और SAFAR की संयुक्त मॉनिटरिंग रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के आनंद विहार, अशोक विहार, जहांगीरपुरी, और बवाना,
वहीं NCR में गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा प्रदूषण हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए हैं।
इन इलाकों में औसतन AQI 410–450 के बीच रहा, जो ‘Severe’ श्रेणी में आता है।
इन क्षेत्रों में सड़क धूल, ईंट भट्टों, और डीजल जेनरेटर से उत्सर्जित धुएं ने स्थिति को और खराब किया।
गुरुग्राम प्रशासन ने GRAP II Stage 2025 के तहत सड़कों पर water sprinkling, mechanical sweeping और anti-smog gun के उपयोग को तेज कर दिया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी – दिवाली से पहले हालात क्यों बिगड़ रहे हैं
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली से पहले मौसमी बदलाव, कम हवा की गति, और पटाखों की बिक्री में वृद्धि से प्रदूषण तेजी से बढ़ सकता है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस समय वायुमंडल में हवा की ऊँचाई कम होती है, जिससे प्रदूषक तत्व ज़मीन के पास जमा हो जाते हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नियंत्रण उपाय नहीं लिए गए, तो दिवाली के आसपास AQI “Severe Plus” श्रेणी यानी 500+ स्तर तक जा सकता है।
इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने GRAP II Stage 2025 के तहत पहले से ही कई प्रतिबंध लागू किए हैं ताकि हालात “आपातकालीन स्तर” तक न पहुंचें।
GRAP II Stage के तहत लगी 8 कड़ी रोकें

GRAP II Stage 2025 लागू होते ही दिल्ली NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं। यह सभी रोकें Commission for Air Quality Management (CAQM) द्वारा तय की गई हैं ताकि हवा में मौजूद जहरीले कणों (PM2.5 और PM10) का स्तर घटाया जा सके।
आइए जानते हैं GRAP II Stage 2025 के तहत लगी 8 प्रमुख पाबंदियां
1) निर्माण कार्यों पर पाबंदी (Construction Ban)
दिल्ली NCR में सभी गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
इसका उद्देश्य धूल और मिट्टी के कणों को हवा में फैलने से रोकना है।
हालांकि, अस्पताल, मेट्रो प्रोजेक्ट, फ्लाईओवर और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्यों को इससे छूट दी गई है।
इस रोक के दौरान निर्माण स्थलों की निगरानी CPCB और DPCC द्वारा की जा रही है।
यह कदम GRAP II Stage 2025 का सबसे सशक्त हिस्सा है क्योंकि निर्माण धूल दिल्ली की वायु गुणवत्ता को सबसे ज़्यादा प्रभावित करती है।
2) डीज़ल जेनरेटर (DG Sets) का उपयोग सीमित
इस चरण में डीज़ल जेनरेटर (DG sets) के उपयोग को सख्ती से सीमित किया गया है।
सिर्फ आपात सेवाएं जैसे अस्पताल, एयरपोर्ट और मेट्रो को अस्थायी अनुमति दी गई है।
वाणिज्यिक और आवासीय भवनों में डीजी सेट चलाना प्रतिबंधित है।
यह कदम हवा में NO₂ और CO₂ जैसे गैसों के उत्सर्जन को कम करने में अहम भूमिका निभाता है।
CAQM की गाइडलाइन के अनुसार, जो संस्थान DG सेट का उपयोग करते हैं उन्हें अब dual fuel system या CNG backup पर स्विच करने की सलाह दी गई है।
3) कचरा जलाने और रोड डस्ट कंट्रोल के सख्त नियम
कचरा जलाने, पत्ते जलाने या खुले में धुआं फैलाने पर अब जुर्माने का प्रावधान है।
नगर निगमों को आदेश दिया गया है कि रोड डस्ट को कम करने के लिए mechanical sweeping machines और anti-smog guns का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करें।
GRAP II Stage 2025 के अंतर्गत सड़क धूल प्रदूषण को कम करना सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है क्योंकि यह कुल प्रदूषण का लगभग 30% हिस्सा होता है।
4) ट्रकों और भारी वाहनों की एंट्री पर रोक
दिल्ली में बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रकों, ट्रेलरों और भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।
केवल आवश्यक वस्तुओं जैसे खाद्य पदार्थ, ईंधन और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहन ही प्रवेश कर सकते हैं।
इस कदम से सड़कों पर धुआं और धूल दोनों का स्तर घटाने में मदद मिलती है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग इसके अनुपालन पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
5) स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों पर निगरानी
स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि जब भी AQI “Very Poor” या “Severe” श्रेणी में जाए, तब आउटडोर स्पोर्ट्स, असेंबली और शारीरिक गतिविधियों को रोक दिया जाए।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए GRAP II Stage 2025 के दौरान स्कूलों को indoor activities पर फोकस करने की सलाह दी गई है।
साथ ही छात्रों के लिए N95 मास्क और air purifier classrooms की व्यवस्था करने की सिफारिश भी की गई है।
6) सरकारी व निजी कार्यालयों के लिए नई एडवाइजरी
सरकारी और निजी दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) को प्रोत्साहित करने की सलाह दी गई है।
दिल्ली सरकार के अनुसार, जितने ज्यादा लोग सड़कों पर आने से बचेंगे, उतना ही वाहन उत्सर्जन में कमी आएगी।
साथ ही कार्यालय परिसरों में पार्किंग एरिया की डस्ट क्लीनिंग और पौधारोपण अभियान को अनिवार्य बनाया गया है।
यह पहल प्रशासनिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टि से प्रभावी है।
7) रोड क्लीनिंग और वॉटर स्प्रिंकलिंग की अनिवार्यता
सभी नगर निगमों और PWD को सड़कों पर वॉटर स्प्रिंकलिंग (water sprinkling) और mechanical sweeping को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह कदम रोड डस्ट (road dust) को नियंत्रित करने और PM10 कणों के स्तर को घटाने में अहम है।
साथ ही, निर्माण स्थलों और व्यस्त मार्गों पर anti-smog guns की तैनाती की जा रही है।
इस तरह GRAP II Stage 2025 का फोकस “साफ सड़कें, साफ हवा” पर केंद्रित है।
8) पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मेट्रो यूज़ बढ़ाने की अपील
दिल्ली NCR के नागरिकों से अपील की गई है कि वे निजी वाहन की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेट्रो और इलेक्ट्रिक ऑटो का उपयोग करें।
इससे न केवल ट्रैफिक जाम घटेगा बल्कि हवा में धुएं का स्तर भी कम होगा।
DMRC ने भी इस दौरान अतिरिक्त मेट्रो सेवाएं शुरू की हैं ताकि यात्रियों को सुविधाजनक सफर मिल सके।
यह कदम नागरिक सहभागिता के बिना संभव नहीं है, इसलिए GRAP II Stage 2025 जनता और प्रशासन दोनों का संयुक्त प्रयास है।
GRAP II Stage 2025 में सरकार और एजेंसियों की भूमिका

दिल्ली NCR में GRAP II Stage 2025 लागू करने के बाद सरकार और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।
यह चरण केवल नियमों की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मॉनिटरिंग, एक्शन और रिपोर्टिंग सिस्टम को मज़बूत करना मुख्य लक्ष्य है।
केंद्रीय और राज्य स्तर पर कई एजेंसियां मिलकर प्रदूषण पर नियंत्रण सुनिश्चित कर रही हैं ताकि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जा सके।
CPCB और EPCA की मॉनिटरिंग व्यवस्था
Central Pollution Control Board (CPCB) और Environment Pollution (Prevention and Control) Authority – EPCA GRAP II Stage 2025 की निगरानी का मुख्य स्तंभ हैं।
CPCB हर 24 घंटे में दिल्ली NCR की Air Quality Index (AQI) रिपोर्ट जारी करता है, जिससे यह तय किया जाता है कि प्रदूषण नियंत्रण के कौन से कदम तुरंत सक्रिय किए जाएं।
EPCA और CAQM ने मिलकर एक रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है जिसमें सैटेलाइट डेटा, AQI सेंसर, और लोकल एजेंसियों के ग्राउंड सर्वे शामिल हैं।
इससे प्रदूषण हॉटस्पॉट जैसे आनंद विहार, बवाना, और गुरुग्राम की स्थिति का मिनट-टू-मिनट अपडेट मिलता है।
इसके अलावा, EPCA ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि GRAP II Stage 2025 के दौरान सभी एक्शन पॉइंट्स — जैसे निर्माण रोक, रोड क्लीनिंग, और ट्रक एंट्री बैन — की दैनिक रिपोर्ट CPCB पोर्टल पर अपलोड करें।
यह सटीक मॉनिटरिंग व्यवस्था इस बात की गारंटी देती है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे और हवा की गुणवत्ता को लगातार ट्रैक किया जा सके।
दिल्ली सरकार और NCR राज्यों के समन्वय प्रयास
GRAP II Stage 2025 तभी प्रभावी हो सकता है जब दिल्ली और NCR के चारों राज्यों — हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, और दिल्ली — के बीच समन्वय मजबूत हो।
CAQM के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी राज्यों को एक “Joint Action Plan” पर मिलकर काम करना होता है।
दिल्ली सरकार की ओर से पर्यावरण विभाग, परिवहन विभाग और नगर निगम एक साथ मिलकर प्रदूषण घटाने की रणनीति पर कार्य कर रहे हैं।
हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम और फरीदाबाद में एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलिंग अभियान शुरू किया है, जबकि उत्तर प्रदेश प्रशासन ने नोएडा और गाजियाबाद में ट्रक एंट्री चेकपॉइंट्स पर निगरानी बढ़ाई है।
सभी राज्यों के बीच रोजाना ऑनलाइन कोऑर्डिनेशन मीटिंग्स होती हैं जिनमें वायु गुणवत्ता की समीक्षा और आगे की कार्रवाई तय की जाती है।
यह एकीकृत प्रणाली GRAP II Stage 2025 की रीढ़ मानी जाती है, क्योंकि NCR के सभी इलाके आपस में जुड़े हुए हैं और किसी एक क्षेत्र की लापरवाही पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है।
प्रदूषण नियंत्रण टीमों की तैनाती और एक्शन रिपोर्ट
दिल्ली NCR में प्रदूषण नियंत्रण टास्क फोर्स गठित की गई है, जिसमें DPCC, MCG, PWD, CPCB, और स्थानीय पुलिस शामिल हैं।
इन टीमों का काम है —
अवैध निर्माण स्थलों की जांच करना
कचरा जलाने और धूल फैलाने वालों पर जुर्माना लगाना
सड़क सफाई और वॉटर स्प्रिंकलिंग की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करना
हर जिले से दैनिक एक्शन रिपोर्ट (Daily Action Report) तैयार की जाती है और इसे CAQM Control Room में अपलोड किया जाता है।
इन रिपोर्टों के आधार पर सरकार अगले चरण (GRAP Stage III) के लिए तैयारियां करती है।
दिल्ली सरकार ने इसके लिए 24×7 नियंत्रण कक्ष (Control Room) भी शुरू किया है जहां नागरिक “Green Delhi App” के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
इस व्यवस्था से प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर तत्काल एक्शन संभव हो पाता है।
इन सभी प्रयासों से यह स्पष्ट है कि GRAP II Stage 2025 सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि एक संगठित एक्शन सिस्टम है जो सरकार, एजेंसियों और जनता तीनों के सामूहिक सहयोग पर आधारित है।
प्रदूषण से बचाव के लिए आम जनता को क्या करना चाहिए
GRAP II Stage 2025 लागू होने के बाद सरकार के साथ-साथ जनता की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
केवल सरकारी कदमों से वायु प्रदूषण पर काबू पाना संभव नहीं है, जब तक कि नागरिक अपनी दिनचर्या में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव नहीं लाते।
हर व्यक्ति अगर कुछ एहतियात बरते, तो दिल्ली NCR की हवा में सुधार लाना पूरी तरह संभव है।
आइए जानते हैं कि प्रदूषण से बचाव के लिए हम क्या कदम उठा सकते हैं
अपने घर और ऑफिस में क्या सावधानियां अपनाएं
घर और कार्यस्थल पर वायु प्रदूषण से बचाव के लिए सबसे जरूरी है — इनडोर एयर क्वालिटी (Indoor Air Quality) को बेहतर बनाए रखना।
रोज़ाना खिड़कियों को सीमित समय के लिए खोलें ताकि शुद्ध हवा का प्रवाह बना रहे।
घर और ऑफिस में एयर प्यूरीफाइंग पौधे जैसे एरेका पाम, स्नेक प्लांट और पीस लिली लगाएं।
मोमबत्तियों, अगरबत्तियों और धूम्रपान से बचें क्योंकि ये घर के अंदर PM2.5 स्तर बढ़ा देते हैं।
एयर कंडीशनर या पंखों की सफाई नियमित रूप से करें ताकि धूल जमा न हो।
घरों में HEPA फिल्टर आधारित एयर प्यूरिफायर का उपयोग करें।
ऑफिसों में प्रशासन को चाहिए कि वे HVAC सिस्टम की समय-समय पर सफाई कराएं और कर्मचारियों को प्रदूषण के समय वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दें।
इन छोटे कदमों से GRAP II Stage 2025 के उद्देश्यों को पूरा करने में जनता की बड़ी भूमिका निभाई जा सकती है।
दिवाली पर पर्यावरण हितैषी उपाय अपनाने की जरूरत
दिवाली के दौरान दिल्ली NCR में प्रदूषण का स्तर सबसे तेज़ी से बढ़ता है।
पटाखों से निकलने वाला धुआं और रासायनिक कण वायु में ज़हरीला मिश्रण बनाते हैं।
इसीलिए GRAP II Stage 2025 के तहत प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ग्रीन दिवाली मनाएं।
पारंपरिक पटाखों की जगह इको-फ्रेंडली ग्रीन पटाखे चुनें, जिनसे धुआं और आवाज़ दोनों कम होती है।
घर सजाने के लिए मिट्टी के दीये और LED लाइट्स का उपयोग करें, क्योंकि ये ऊर्जा-संरक्षण में मदद करते हैं।
दिवाली की खरीदारी के लिए स्थानीय बाजारों से सामान लें, जिससे ट्रैफिक और परिवहन उत्सर्जन दोनों घटेंगे।
कचरा खुले में जलाने के बजाय रीसायकल करें या नगर निगम के डस्टबिन में डालें।
ऐसे पर्यावरण हितैषी कदमों से न सिर्फ हवा साफ रहेगी बल्कि त्योहार की सच्ची “रोशनी” भी प्रकृति के साथ सुरक्षित बनी रहेगी।
एन95 मास्क और एयर प्यूरिफायर का उपयोग क्यों जरूरी है
जब दिल्ली NCR में AQI “Severe” श्रेणी (400+) तक पहुंच जाता है, तो हवा में मौजूद सूक्ष्म कण सीधे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।
ऐसे समय में N95 या N99 मास्क पहनना सबसे कारगर उपाय है क्योंकि यह 95% से अधिक सूक्ष्म धूलकणों को फिल्टर कर देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार —
सड़क पर चलते समय या बाइक चलाते समय N95 मास्क पहनना अनिवार्य करें।
बच्चों और बुजुर्गों को बिना मास्क घर से बाहर न जाने दें।
घर में एयर प्यूरिफायर चलाते समय दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें ताकि हवा का फिल्ट्रेशन सही ढंग से हो।
GRAP II Stage 2025 का पूरा मकसद सिर्फ प्रदूषण रोकना नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इसलिए व्यक्तिगत स्तर पर मास्क और एयर प्यूरिफायर का उपयोग आपकी और आपके परिवार की सांसों की रक्षा करता है।
GRAP II Stage के लागू होने से क्या उम्मीद की जा सकती है

दिल्ली NCR में GRAP II Stage 2025 के लागू होने के बाद प्रदूषण पर नियंत्रण की दिशा में एक मजबूत उम्मीद जगी है।
यह योजना केवल अस्थायी राहत नहीं देती, बल्कि आने वाले महीनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा भी तय करती है।
CPCB और CAQM की रिपोर्टों के अनुसार, यदि सभी एजेंसियां और नागरिक मिलकर इन नियमों का पालन करें, तो अगले कुछ हफ्तों में प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय गिरावट देखी जा सकती है।
प्रदूषण स्तर में संभावित कमी का अनुमान
GRAP II Stage 2025 लागू होने के बाद विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिल्ली NCR में PM2.5 और PM10 स्तर में 20–25% तक की गिरावट संभव है।
सड़कों पर वॉटर स्प्रिंकलिंग, निर्माण कार्यों पर रोक, और ट्रकों की एंट्री बैन जैसे कदमों से हवा में मौजूद धूलकणों में तेजी से कमी आती है।
पर्यावरण विभाग की मॉनिटरिंग के अनुसार, GRAP-II के दौरान पिछले वर्षों में AQI औसतन 410 से घटकर 320 तक पहुंचा था।
अगर इस बार भी सभी प्रतिबंध सख्ती से लागू होते हैं, तो यह आंकड़ा 300 से नीचे जा सकता है, जो “Poor” से “Moderate” श्रेणी की ओर सुधार का संकेत है।
यानी, यह चरण दिल्ली NCR को “सांस लेने लायक हवा” लौटाने की दिशा में एक वास्तविक उम्मीद है।
दीर्घकालिक समाधान के लिए जरूरी कदम
हालांकि GRAP II Stage 2025 अल्पकालिक उपाय है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कुछ बड़े कदम जरूरी हैं —
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देना और फ्यूल-आधारित वाहनों पर निर्भरता कम करना।
ग्रीन कंस्ट्रक्शन नॉर्म्स को सख्ती से लागू करना ताकि भविष्य की परियोजनाएं पर्यावरण-अनुकूल हों।
सोलर एनर्जी और क्लीन फ्यूल टेक्नोलॉजी को हर सरकारी और निजी क्षेत्र में प्राथमिकता देना।
कचरा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाना ताकि खुले में जलाने की घटनाएं बंद हों।
वृक्षारोपण और ग्रीन बेल्ट विस्तार के जरिए कार्बन अवशोषण की क्षमता बढ़ाना।
इन उपायों से न सिर्फ वायु प्रदूषण घटेगा बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी कायम रहेगा।
GRAP II Stage 2025 को अगर इसी तरह दीर्घकालिक नीति से जोड़ा जाए, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली NCR की हवा में स्थायी सुधार देखा जा सकता है।
आम नागरिकों की भागीदारी से कैसे बदलेगा हालात
किसी भी नीति की सफलता जनता की सहभागिता पर निर्भर करती है।
GRAP II Stage 2025 तभी प्रभावी साबित होगा जब हर नागरिक अपनी भूमिका समझे।
नागरिकों से अपील की गई है कि —
निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें।
घरों और सोसाइटियों में कचरा न जलाएं, बल्कि उसे पृथक करके निस्तारित करें।
ग्रीन ऐप्स जैसे Green Delhi App पर प्रदूषण की शिकायत तुरंत दर्ज कराएं।
अपने बच्चों और बुजुर्गों को मास्क और एयर प्यूरिफायर के उपयोग के प्रति जागरूक करें।
दिवाली और अन्य त्योहारों में ग्रीन पटाखे या बिना पटाखों के उत्सव मनाएं।
जब नागरिक खुद जिम्मेदारी से जुड़ते हैं, तब नीति से नतीजे निकलने लगते हैं।
इसलिए GRAP II Stage 2025 केवल सरकारी निर्णय नहीं, बल्कि जनता के सामूहिक संकल्प का प्रतीक है — “साफ हवा, स्वस्थ जीवन।”
निष्कर्ष – GRAP II Stage 2025 से क्या सबक मिलते हैं
GRAP II Stage 2025 ने एक बार फिर यह साबित किया है कि दिल्ली NCR जैसे महानगरों में वायु प्रदूषण सिर्फ एक मौसमी समस्या नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक पर्यावरणीय चुनौती है।
यह योजना केवल नियमों या प्रतिबंधों का सेट नहीं है, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है — जहाँ सरकार, एजेंसियां, उद्योग और आम नागरिक, सभी को मिलकर भूमिका निभानी होती है।
GRAP II Stage 2025 ने यह संदेश दिया है कि अगर नीतियां सख्त हों और उनका पालन ईमानदारी से किया जाए, तो प्रदूषण पर नियंत्रण संभव है।
अब वक्त केवल action plan बनाने का नहीं, बल्कि उसे ज़मीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने का है।
वायु प्रदूषण के खिलाफ एकजुट प्रयासों की जरूरत
दिल्ली NCR की हवा को स्वच्छ बनाना किसी एक संस्था या राज्य के बस की बात नहीं है — इसके लिए पूरे समाज की एकजुटता आवश्यक है।
हर वर्ष सर्दी के मौसम में हवा की गुणवत्ता गिरती है, लेकिन केवल शिकायत करने से स्थिति नहीं बदलती।
जरूरत है एक संगठित और निरंतर प्रयास की, जिसमें हर नागरिक यह सोचे कि उसका छोटा-सा कदम भी बदलाव ला सकता है।
चाहे वह गाड़ी साझा करना हो, पेड़ लगाना हो या कचरा न जलाना —
हर छोटी पहल मिलकर बड़ी राहत बन सकती है।
पर्यावरण वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर नागरिक स्तर पर जागरूकता 30% भी बढ़ जाए, तो वायु प्रदूषण में 40% तक की गिरावट संभव है।
इसलिए GRAP II Stage 2025 केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि “जन-आंदोलन” का रूप ले सकता है यदि हम सभी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं।
सरकार, नागरिक और उद्योग – तीनों की साझा जिम्मेदारी
वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की सबसे बड़ी कुंजी साझा जिम्मेदारी (Collective Responsibility) है।
सरकार की भूमिका है सख्त कानून बनाना, प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की निगरानी करना और real-time data monitoring सुनिश्चित करना।
उद्योगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके कारखानों से निकलने वाले धुएं और रासायनिक पदार्थों का सही तरीके से निस्तारण हो।
साथ ही, eco-friendly production systems अपनाकर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखें।
नागरिकों को अपनी दैनिक जीवनशैली में बदलाव लाने की आवश्यकता है — जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, ऊर्जा की बचत, और पर्यावरण हितैषी त्योहार मनाना।
जब ये तीनों वर्ग एक साथ काम करेंगे, तभी दिल्ली NCR जैसी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार आ सकेगा।
GRAP II Stage 2025 हमें यही सिखाता है कि “साफ हवा कोई सुविधा नहीं, बल्कि सभी का अधिकार है।”
FAQ – GRAP II Stage 2025 से जुड़े सामान्य प्रश्न
1) GRAP II Stage 2025 क्या है और यह कब लागू हुआ?
Ans- GRAP II Stage 2025 यानी Graded Response Action Plan का दूसरा चरण है, जो दिल्ली NCR में वायु प्रदूषण के “बहुत खराब” स्तर पर पहुंचने पर लागू किया जाता है।
यह अक्टूबर 2025 के तीसरे सप्ताह से लागू हुआ जब AQI 350+ तक पहुंच गया था।
2) GRAP II Stage 2025 के तहत किन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है?
Ans- इस स्टेज में निर्माण कार्य, कचरा जलाना, डीज़ल जेनरेटर का उपयोग, और ट्रक एंट्री जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
उद्देश्य है हवा में मौजूद धूलकण और जहरीली गैसों का स्तर कम करना।
3) GRAP II Stage 2025 लागू करने की जिम्मेदारी किन एजेंसियों की है?
Ans- मुख्य जिम्मेदारी CPCB (Central Pollution Control Board) और CAQM (Commission for Air Quality Management) की है, जो दिल्ली NCR के सभी राज्यों के साथ मिलकर काम करती हैं।
अधिक जानकारी के लिए CAQM की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
4) GRAP II Stage के दौरान किन प्रोजेक्ट्स को छूट दी गई है?
Ans- केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े निर्माण कार्य जैसे —
अस्पताल, मेट्रो प्रोजेक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा और फ्लाईओवर निर्माण — को अस्थायी छूट दी गई है।
5) GRAP II Stage 2025 के दौरान स्कूलों और दफ्तरों पर क्या असर पड़ेगा?
Ans- स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी और कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सलाह दी गई है ताकि वाहन उत्सर्जन कम हो।
6) क्या GRAP II Stage 2025 से वायु गुणवत्ता में सुधार होगा?
Ans- हाँ, पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार GRAP-II के लागू होने के बाद PM2.5 और PM10 स्तर में 20–25% तक की गिरावट संभव है।
यदि सभी एजेंसियां और नागरिक नियमों का पालन करें तो AQI “Severe” से “Moderate” श्रेणी में आ सकता है।
7) आम नागरिक GRAP II Stage 2025 में कैसे सहयोग कर सकते हैं?
Ans- नागरिक प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचें —
निजी वाहन के बजाय मेट्रो या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें,
कचरा न जलाएं,
और “Green Delhi App” पर प्रदूषण संबंधी शिकायत दर्ज कराएं।
डाउनलोड करें: Green Delhi App – Google Play Store
8) क्या GRAP II Stage के नियम NCR के सभी शहरों में लागू होते हैं?
Ans- हाँ, यह योजना दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, और नोएडा जैसे सभी NCR शहरों में समान रूप से लागू होती है।
9) GRAP II Stage 2025 कितने दिनों तक लागू रहेगा?
Ans- यह तब तक लागू रहेगा जब तक AQI स्तर “Moderate” श्रेणी (200 से नीचे) में नहीं आता।
CAQM और CPCB द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जाती है और स्थिति में सुधार होने पर अगला आदेश जारी किया जाता है।
10) GRAP II Stage के बाद क्या GRAP III Stage भी लागू किया जाएगा?
Ans- हाँ, अगर वायु गुणवत्ता “Severe” या “Severe Plus” श्रेणी में पहुंच जाती है, तो GRAP III या GRAP IV Stage लागू किया जाता है।
उस स्थिति में प्रदूषण नियंत्रण के और भी कठोर कदम उठाए जाते हैं।
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