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FIR Application in Hindi से जुड़ी सही और स्पष्ट जानकारी होना आज के समय में हर नागरिक के लिए बेहद ज़रूरी हो गया है। जब भी किसी व्यक्ति के साथ चोरी, मारपीट, धोखाधड़ी, गुमशुदगी या कोई अन्य अपराध होता है, तो सबसे पहला और महत्वपूर्ण कानूनी कदम होता है FIR दर्ज कराना। लेकिन जानकारी की कमी के कारण बहुत से लोग यह नहीं समझ पाते कि FIR Application कैसे लिखें, किस थाने में दें और इसमें क्या-क्या लिखना आवश्यक होता है।
अक्सर लोगों को लगता है कि FIR Application in Hindi लिखना एक जटिल और डराने वाली प्रक्रिया है, जबकि सच्चाई यह है कि सही फॉर्मेट और सही शब्दों का उपयोग किया जाए तो यह प्रक्रिया बिल्कुल आसान हो जाती है। FIR केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि वह आधिकारिक दस्तावेज़ है जिसके आधार पर पुलिस जांच शुरू करती है और आगे की कानूनी कार्रवाई संभव होती है। यही कारण है कि FIR Application format in Hindi, FIR की प्रक्रिया और नियमों की जानकारी होना बेहद महत्वपूर्ण है।
इस ब्लॉग में आपको FIR Application in Hindi से संबंधित हर जरूरी जानकारी आसान और स्पष्ट भाषा में मिलेगी। यहाँ आप जानेंगे कि FIR क्या होती है, FIR कब और क्यों दर्ज की जाती है, online FIR kaise kare, पुलिस स्टेशन में FIR देने की सही प्रक्रिया क्या है, और यदि पुलिस FIR दर्ज न करे तो आपके पास कौन-कौन से कानूनी विकल्प मौजूद होते हैं। यह गाइड खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार की गई है जो पहली बार FIR कराने जा रहे हैं और पूरी प्रक्रिया को बिना किसी भ्रम के समझना चाहते हैं।
अगर यह जानकारी आपके लिए उपयोगी लगे, तो पूरा ब्लॉग ध्यान से पढ़ें और अपने सवाल या अनुभव नीचे कमेंट में जरूर साझा करें, ताकि यह जानकारी और लोगों तक भी सही तरीके से पहुँच सके।
FIR क्या होती है? (Basic Understanding)
FIR क्या होती है—यह समझना हर नागरिक के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि किसी भी अपराध की स्थिति में यही पहला कानूनी कदम होता है। FIR Application in Hindi के माध्यम से पुलिस को किसी अपराध की आधिकारिक जानकारी दी जाती है, ताकि उस मामले में जांच शुरू की जा सके और कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके।
FIR का पूरा नाम (First Information Report)
FIR का पूरा नाम First Information Report होता है, जिसका अर्थ है किसी अपराध की पहली आधिकारिक सूचना। जब कोई व्यक्ति पहली बार पुलिस को किसी संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) की जानकारी देता है, तो उसी सूचना के आधार पर FIR दर्ज की जाती है। यही रिपोर्ट आगे चलकर पूरे केस की नींव बनती है।
FIR का कानूनी अर्थ
कानूनी रूप से FIR एक ऐसा लिखित दस्तावेज़ है, जो भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के अंतर्गत दर्ज किया जाता है। FIR का कानूनी महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि इसके आधार पर ही पुलिस जांच शुरू करती है, सबूत इकट्ठा करती है और जरूरत पड़ने पर आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई करती है। कोर्ट में भी FIR को एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड माना जाता है।
FIR दर्ज होना क्यों जरूरी है?
FIR दर्ज करना क्यों जरूरी है, यह समझना बेहद अहम है। FIR दर्ज होने से:
- अपराध आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड में आ जाता है
- पुलिस को जांच करने का कानूनी अधिकार मिलता है
- पीड़ित को कानूनी सुरक्षा और न्याय की प्रक्रिया शुरू होती है
- भविष्य में कोर्ट, बीमा या सरकारी कामों में यह एक मजबूत प्रमाण बनती है
इसीलिए किसी भी गंभीर अपराध की स्थिति में FIR Application in Hindi देकर FIR दर्ज कराना सबसे सही और सुरक्षित कदम माना जाता है।
FIR और शिकायत (Complaint) में अंतर
बहुत से लोग FIR और शिकायत में अंतर नहीं समझ पाते।
- FIR आमतौर पर संज्ञेय अपराधों में दर्ज की जाती है, जहाँ पुलिस बिना अनुमति जांच शुरू कर सकती है।
- शिकायत (Complaint) सामान्य या गैर-संज्ञेय मामलों में की जाती है, जहाँ सीधे FIR दर्ज नहीं होती।
सरल शब्दों में कहें तो, हर FIR एक शिकायत होती है, लेकिन हर शिकायत FIR नहीं होती। यही कारण है कि सही स्थिति में सही प्रक्रिया अपनाना बहुत जरूरी होता है।
अब जब आपको FIR क्या होती है, इसका कानूनी अर्थ और महत्व समझ में आ गया है, तो अगला सवाल यह उठता है कि FIR Application क्यों और किन परिस्थितियों में लिखी जाती है?
इसी का जवाब आपको अगले सेक्शन में विस्तार से मिलेगा—पढ़ते रहिए।
FIR Application क्यों लिखी जाती है?
FIR Application क्यों लिखी जाती है—इसका जवाब केवल “पुलिस को बताने” तक सीमित नहीं है। वास्तव में FIR Application in Hindi किसी भी अपराध के बाद वह कानूनी माध्यम है, जो एक व्यक्तिगत समस्या को सरकारी और न्यायिक प्रक्रिया में बदल देता है। FIR Application in Hindi के बिना कोई भी मामला सिर्फ एक आरोप बनकर रह जाता है, जबकि FIR के साथ वही मामला कानून की निगरानी में आ जाता है।
अपराध को कानूनी पहचान देने के लिए
जब कोई अपराध होता है, तब वह तब तक कानूनी रूप से मौजूद नहीं माना जाता, जब तक उसकी FIR दर्ज न हो। FIR Application in Hindi लिखने का सबसे बड़ा उद्देश्य अपराध को कानून की नजर में लाना होता है, ताकि वह सिर्फ व्यक्तिगत शिकायत न रहकर एक आधिकारिक केस बन सके। यही वजह है कि इसे किसी भी अपराध की पहली वैध पहचान माना जाता है।
पुलिस को जांच के लिए बाध्य करने हेतु
FIR दर्ज कराने का महत्व इसलिए भी बड़ा है क्योंकि FIR के बाद पुलिस के पास जांच शुरू करने से बचने का विकल्प नहीं रहता। FIR Application in Hindi पुलिस को यह कानूनी जिम्मेदारी देती है कि वह मामले की जांच करे, साक्ष्य एकत्र करे और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करे। इसी कारण इसे न्याय की दिशा में पहला ठोस और प्रभावी कदम माना जाता है।
पीड़ित के अधिकारों की सुरक्षा के लिए
FIR केवल आरोपी के खिलाफ नहीं होती, बल्कि यह पीड़ित के अधिकारों की रक्षा का एक मजबूत दस्तावेज़ भी होती है। FIR दर्ज होने से पीड़ित को कानूनी सुरक्षा मिलती है और यह सुनिश्चित होता है कि उसकी बात को आधिकारिक रूप से सुना और रिकॉर्ड किया गया है। इससे भविष्य में किसी भी स्तर पर पीड़ित की स्थिति कमजोर नहीं पड़ती।
भविष्य की कानूनी और प्रशासनिक जरूरतों के लिए
कोर्ट केस, बीमा क्लेम, सरकारी सत्यापन, मुआवज़ा प्रक्रिया या किसी अन्य कानूनी कार्रवाई में FIR Application in Hindi एक मजबूत आधार बनती है। बिना FIR के ये सभी प्रक्रियाएँ या तो रुक जाती हैं या बहुत जटिल हो जाती हैं।
अब जब यह स्पष्ट हो गया है कि FIR Application in Hindi क्यों लिखी जाती है और यह किसी भी मामले में कितनी निर्णायक भूमिका निभाती है, तो अगला सबसे जरूरी सवाल यह है—
आखिर किन परिस्थितियों में FIR दर्ज कराई जा सकती है और किन मामलों में नहीं?
यही अंतर समझना आगे की सबसे महत्वपूर्ण जानकारी है, जिसे हम अगले सेक्शन में विस्तार से समझेंगे।
किन परिस्थितियों में FIR दर्ज कराई जा सकती है?

FIR Application in Hindi तभी दर्ज कराई जाती है जब कोई घटना कानून की दृष्टि से अपराध की श्रेणी में आती हो। हर विवाद या समस्या FIR योग्य नहीं होती, लेकिन कुछ स्थितियाँ ऐसी होती हैं जहाँ FIR दर्ज कराना न केवल ज़रूरी बल्कि पीड़ित के हित में सबसे सुरक्षित कदम माना जाता है। सही परिस्थिति में समय पर FIR Application in Hindi दर्ज कराने से जांच की दिशा स्पष्ट रहती है और न्याय मिलने की संभावना मजबूत होती है।
चोरी / लूट या संपत्ति से जुड़ा अपराध
घर, दुकान या किसी सार्वजनिक स्थान पर चोरी या लूट की घटना होने पर FIR दर्ज कराई जा सकती है। ऐसी स्थिति में FIR Application in Hindi पुलिस को औपचारिक जांच शुरू करने का कानूनी आधार देती है और आगे चलकर बीमा या कोर्ट प्रक्रिया में भी सहायता करती है।
मोबाइल या वाहन चोरी
मोबाइल फोन, बाइक या कार चोरी होने की स्थिति में FIR Application in Hindi दर्ज कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है। बीमा क्लेम, रिकवरी और कानूनी रिकॉर्ड—तीनों के लिए FIR एक आवश्यक दस्तावेज़ बनती है।
मारपीट, धमकी या शारीरिक हिंसा
यदि किसी व्यक्ति के साथ मारपीट, जान से मारने की धमकी या किसी भी प्रकार की शारीरिक हिंसा हुई है, तो FIR दर्ज कराना पीड़ित की सुरक्षा के लिए आवश्यक होता है। ऐसे मामलों में देरी करने से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
गुमशुदगी (Missing Person)
किसी व्यक्ति के अचानक लापता होने पर FIR दर्ज कराई जा सकती है। विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं के मामलों में पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है।
धोखाधड़ी / साइबर अपराध
ऑनलाइन फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी कॉल या सोशल मीडिया हैक जैसी घटनाओं में FIR दर्ज कराई जा सकती है। ऐसे मामलों में सही समय पर FIR Application in Hindi देना आगे की जांच को आसान बनाता है।
महिलाओं से संबंधित अपराध
महिलाओं के साथ छेड़छाड़, घरेलू हिंसा या उत्पीड़न जैसे मामलों में FIR दर्ज कराना उनका कानूनी अधिकार है। ऐसी परिस्थितियों में तुरंत पुलिस से संपर्क करना आवश्यक होता है।
अब यह स्पष्ट हो गया कि किन परिस्थितियों में FIR दर्ज कराई जा सकती है, लेकिन अगला सवाल और भी महत्वपूर्ण है—
क्या हर कोई FIR Application लिख सकता है या इसके लिए कोई खास पात्रता होती है?
इसी जरूरी जानकारी के लिए अगला सेक्शन ज़रूर पढ़ें।
FIR Application कौन लिख सकता है?
अक्सर यह गलतफहमी रहती है कि FIR केवल वही व्यक्ति लिख सकता है जिसके साथ अपराध हुआ हो, जबकि कानून इस मामले में कहीं अधिक व्यावहारिक है। FIR Application in Hindi लिखने का अधिकार सिर्फ पीड़ित तक सीमित नहीं होता, बल्कि परिस्थिति के अनुसार अन्य लोग भी यह कानूनी कदम उठा सकते हैं।
पीड़ित व्यक्ति स्वयं
जिस व्यक्ति के साथ अपराध हुआ है, वह सीधे पुलिस स्टेशन जाकर FIR Application in Hindi दे सकता है। यह सबसे सामान्य और सीधा तरीका माना जाता है।
पीड़ित का परिवार या करीबी व्यक्ति
यदि पीड़ित शारीरिक, मानसिक या किसी अन्य कारण से FIR दर्ज कराने की स्थिति में नहीं है, तो उसका परिवार या कोई भरोसेमंद व्यक्ति उसकी ओर से FIR Application in Hindi दे सकता है। गंभीर मामलों में यह विकल्प बेहद उपयोगी होता है।
कोई भी प्रत्यक्षदर्शी (Eyewitness)
अगर किसी व्यक्ति ने अपराध को होते हुए अपनी आँखों से देखा है, तो वह भी FIR Application in Hindi लिख सकता है। कानून प्रत्यक्षदर्शी द्वारा दी गई सूचना को मान्यता देता है।
नाबालिग की ओर से अभिभावक
यदि पीड़ित बच्चा है, तो उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक FIR दर्ज करा सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस अतिरिक्त संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करती है।
अब जब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि किन परिस्थितियों में FIR दर्ज होती है और FIR Application in Hindi कौन लिख सकता है, तो अगला सबसे जरूरी और practical कदम है—
FIR Application सही फॉर्मेट में कैसे लिखें, ताकि पुलिस उसे बिना किसी आपत्ति के स्वीकार करे?
यही जानकारी अगले सेक्शन में विस्तार से दी गई है।
FIR Application in Hindi कैसे लिखें? (Step-by-Step)
FIR Application in Hindi लिखते समय सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यह एक साधारण आवेदन नहीं, बल्कि एक औपचारिक कानूनी दस्तावेज़ होता है। इसी आवेदन के आधार पर पुलिस किसी मामले को दर्ज करती है और आगे की जांच शुरू होती है, इसलिए इसमें लिखी गई हर जानकारी का स्पष्ट, सटीक और तथ्यात्मक होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। सही ढंग से तैयार किया गया आवेदन आपकी बात को मज़बूती से रखता है और अनावश्यक देरी या आपत्ति से बचाता है।
आमतौर पर लोग जल्दबाज़ी में आवेदन लिख देते हैं, जिससे तारीख, समय या स्थान जैसी जरूरी बातें छूट जाती हैं। यही छोटी-सी गलती आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकती है। इसलिए FIR Application in Hindi लिखने की प्रक्रिया को step-by-step समझना और उसी के अनुसार आगे बढ़ना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।
आवेदन लिखने से पहले जरूरी बातें
किसी भी प्रकार का आवेदन देने से पहले कुछ बुनियादी जानकारियाँ स्पष्ट रूप से तैयार रखना बेहद जरूरी होता है। इससे आपका आवेदन न सिर्फ साफ़ और प्रभावी बनता है, बल्कि पुलिस के लिए भी मामले को समझना आसान हो जाता है।
- सही थाना (Police Station) का नाम
हमेशा उसी पुलिस स्टेशन को संबोधित करें, जिसके क्षेत्र में घटना हुई है। गलत थाना लिखने पर आवेदन आगे ट्रांसफर होता है, जिससे प्रक्रिया में देरी हो सकती है। - घटना की सही तारीख और समय
घटना कब हुई, इसका सही दिन और लगभग सटीक समय लिखना जरूरी होता है। यही जानकारी जांच की दिशा और क्रम तय करने में मदद करती है। - स्थान (Location) की स्पष्ट जानकारी
घटना कहाँ हुई—गली, मोहल्ला, सड़क या कोई पहचान योग्य जगह—यह स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए, ताकि पुलिस को मौके तक पहुँचने में कठिनाई न हो।
इन सभी बातों को पहले से स्पष्ट रखने से FIR Application in Hindi अधिक भरोसेमंद और प्रभावी बन जाता है।
FIR Application का सही फॉर्मेट
कानूनी रूप से स्वीकार्य आवेदन हमेशा एक तय ढांचे में लिखा जाता है। सही फॉर्मेट न होने पर कई बार आवेदन वापस भी किया जा सकता है, इसलिए इस हिस्से को समझना बेहद जरूरी है। एक सुव्यवस्थित FIR Application in Hindi पुलिस प्रक्रिया को सरल और तेज़ बनाता है।
- To (थाना प्रभारी)
आवेदन की शुरुआत संबंधित थाने के प्रभारी अधिकारी को संबोधित करते हुए करें। - Subject (विषय)
विषय में संक्षेप और स्पष्ट शब्दों में लिखें कि आवेदन किस अपराध से जुड़ा है। - घटना का पूरा विवरण
यहाँ घटना को क्रमवार, बिना बढ़ा-चढ़ाकर और तथ्यात्मक रूप से लिखें—क्या हुआ, कब हुआ और कैसे हुआ। - निवेदन (Request)
अंत में पुलिस से विनम्र भाषा में FIR दर्ज करने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध करें। - नाम, पता, मोबाइल नंबर
आवेदक की पूरी पहचान और संपर्क विवरण देना अनिवार्य होता है। - दिनांक और हस्ताक्षर
आवेदन के अंत में तारीख और हस्ताक्षर डालना जरूरी होता है, जिससे दस्तावेज़ आधिकारिक रूप से मान्य हो जाता है।
इस तरह सही ढांचे में तैयार किया गया FIR Application in Hindi न केवल स्वीकार किया जाता है, बल्कि आगे की कार्रवाई भी बिना रुकावट के आगे बढ़ती है।
अब जब आपको FIR Application in Hindi लिखने की पूरी step-by-step प्रक्रिया और सही फॉर्मेट स्पष्ट हो गया है, तो अगला सवाल स्वाभाविक है—
क्या कोई ऐसा रेडी-मेड सैंपल है, जिसे देखकर आप बिना गलती के अपना FIR Application लिख सकें?
इसी practical जानकारी के लिए अगला सेक्शन ज़रूर पढ़ें।
FIR Application in Hindi – FIR कैसे लिखें (थाने में आवेदन का सही तरीका)
नीचे दिया गया FIR Application in Hindi का यह सैंपल एक ready to use FIR application format, पुलिस में FIR दर्ज कराने का सही तरीका और कानूनी रूप से मान्य FIR आवेदन पत्र का उदाहरण है। यह फॉर्मेट उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो FIR कैसे लिखें, थाने में FIR आवेदन कैसे दें, या FIR application format in Hindi खोज रहे हैं। इस आवेदन प्रारूप को पुलिस स्टेशन में आमतौर पर बिना किसी आपत्ति के स्वीकार किया जाता है, क्योंकि इसमें FIR से जुड़े सभी आवश्यक बिंदु सही क्रम और स्पष्ट भाषा में शामिल हैं।
सेवा में,
थाना प्रभारी
[थाने का नाम]
[शहर / जिला]
विषय: FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि दिनांक [तारीख] को समय लगभग [समय] बजे मेरे साथ/मेरी संपत्ति के साथ एक गंभीर व दंडनीय घटना घटित हुई। यह घटना [स्थान] पर हुई, जिसके संबंध में अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। घटना का संक्षिप्त एवं तथ्यात्मक विवरण निम्नलिखित है:
[यहाँ घटना का पूरा विवरण क्रमवार, स्पष्ट और तथ्यात्मक रूप से लिखें—क्या हुआ, कैसे हुआ, किसके द्वारा हुआ और यदि किसी आरोपी का नाम, पता या पहचान ज्ञात हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख करें।]
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित घटना के संबंध में मेरी इस लिखित शिकायत को संज्ञान में लेते हुए FIR दर्ज की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध भारतीय कानून के अंतर्गत आवश्यक एवं उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: __________
पता: __________
मोबाइल नंबर: __________
दिनांक: __________
हस्ताक्षर: __________
FIR Application in Hindi Sample (पूरी तरह भरा हुआ उदाहरण)
सेवा में,
थाना प्रभारी
सेक्टर 29 थाना
गुरुग्राम, हरियाणा
विषय: FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता हूँ कि दिनांक 12 जनवरी 2026 को समय लगभग रात्रि 9:30 बजे मेरे साथ एक गंभीर एवं दंडनीय घटना घटित हुई। यह घटना सेक्टर 31, गुरुग्राम स्थित हUDA मार्केट के पास हुई, जिसके संबंध में अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।
घटना इस प्रकार है कि मैं अपने कार्यालय से घर लौट रहा था। इसी दौरान दो अज्ञात व्यक्तियों ने रास्ते में मुझे रोक लिया और जबरन मेरा मोबाइल फोन, पर्स एवं नकद ₹5,000 छीन लिए। विरोध करने पर उन्होंने मुझे धमकी दी तथा मौके से फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों की मदद से मैं सुरक्षित स्थान पर पहुँचा।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित घटना के संबंध में मेरी इस लिखित शिकायत को संज्ञान में लेते हुए FIR दर्ज की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध भारतीय कानून के अंतर्गत आवश्यक एवं उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: राकेश कुमार
पता: मकान संख्या 214, सेक्टर 30, गुरुग्राम, हरियाणा
मोबाइल नंबर: 98XXXXXX45
दिनांक: 13 जनवरी 2026
हस्ताक्षर: राकेश कुमार
यह सैंपल खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो पहली बार FIR Application in Hindi लिख रहे हैं और किसी गलती से बचना चाहते हैं।
महिला FIR Application in Hindi – पूरा भरा हुआ सैंपल
नीचे दिया गया यह महिला FIR application in Hindi एक ready to use FIR complaint sample है, जिसे विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए तैयार किया गया है जो महिला FIR कैसे लिखें, महिला से संबंधित घटना की FIR आवेदन प्रक्रिया, या थाने में महिला FIR दर्ज कराने का सही तरीका जानना चाहती हैं। इस भरे हुए उदाहरण में महिला उत्पीड़न, धमकी, छेड़छाड़ या घरेलू हिंसा जैसे मामलों में FIR लिखने का कानूनी रूप से मान्य और पुलिस द्वारा स्वीकार्य प्रारूप सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि पहली बार FIR लिखने वाली महिलाएँ भी बिना किसी गलती के अपना आवेदन तैयार कर सकें।
महिला FIR Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
महिला थाना, सेक्टर 51
गुरुग्राम, हरियाणा
विषय: महिला से संबंधित घटना के संबंध में FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहती हूँ कि दिनांक 18 जनवरी 2026 को समय लगभग सायं 7:45 बजे मेरे साथ एक गंभीर एवं दंडनीय घटना घटित हुई। यह घटना सेक्टर 50, गुरुग्राम स्थित मेरे निवास स्थान के पास हुई, जिसके संबंध में अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।
घटना इस प्रकार है कि मैं अपने कार्यालय से घर लौट रही थी। उसी दौरान एक व्यक्ति, जिसे मैं पहले से जानती हूँ, ने रास्ते में मेरा रास्ता रोककर मुझसे अभद्र भाषा में बात की, गाली-गलौज की तथा मुझे डराने-धमकाने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने मुझे जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना से मुझे मानसिक रूप से अत्यधिक परेशानी और भय का सामना करना पड़ा है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित घटना के संबंध में मेरी इस लिखित शिकायत को संज्ञान में लेते हुए FIR दर्ज की जाए तथा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय कानून के अंतर्गत आवश्यक एवं उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, जिससे मुझे न्याय मिल सके।
धन्यवाद।
भवदीया,
नाम: सुनिता देवी
पता: मकान संख्या 118, सेक्टर 49, गुरुग्राम, हरियाणा
मोबाइल नंबर: 97XXXXXX32
दिनांक: 19 जनवरी 2026
हस्ताक्षर: सुनिता देवी
घरेलू हिंसा FIR Application in Hindi – पूरा भरा हुआ सैंपल
नीचे दिया गया यह घरेलू हिंसा FIR application in Hindi एक ready to use FIR complaint sample है, जिसे उन महिलाओं के लिए तैयार किया गया है जो घरेलू हिंसा की FIR कैसे लिखें, महिला थाना में घरेलू हिंसा की शिकायत कैसे दर्ज कराएं, या domestic violence FIR application format in Hindi खोज रही हैं। इस भरे हुए उदाहरण में शारीरिक हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, धमकी और प्रताड़ना जैसे मामलों के लिए कानूनी रूप से मान्य और पुलिस द्वारा स्वीकार्य FIR प्रारूप सरल और स्पष्ट भाषा में समझाया गया है, ताकि पीड़ित महिला बिना किसी गलती के अपना आवेदन तैयार कर सके।
घरेलू हिंसा FIR Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
महिला थाना, सेक्टर 40
गुरुग्राम, हरियाणा
विषय: घरेलू हिंसा के संबंध में FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहती हूँ कि दिनांक 22 जनवरी 2026 को समय लगभग रात्रि 10:00 बजे मेरे साथ मेरे वैवाहिक घर में घरेलू हिंसा की गंभीर एवं दंडनीय घटना घटित हुई। यह घटना सेक्टर 38, गुरुग्राम स्थित मेरे ससुराल में हुई, जिसके संबंध में अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।
घटना इस प्रकार है कि मेरे पति तथा ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों द्वारा मुझसे लगातार मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। दिनांक उपरोक्त को मेरे पति ने बिना किसी कारण के मेरे साथ मारपीट की, गाली-गलौज की तथा मुझे घर से निकालने की धमकी दी। इस घटना से मुझे शारीरिक चोट पहुँची है तथा मानसिक रूप से भी अत्यधिक पीड़ा हुई है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित घटना के संबंध में मेरी इस लिखित शिकायत को संज्ञान में लेते हुए घरेलू हिंसा के अंतर्गत FIR दर्ज की जाए तथा आरोपियों के विरुद्ध भारतीय कानून एवं घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक एवं उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, जिससे मुझे न्याय एवं सुरक्षा प्राप्त हो सके।
धन्यवाद।
भवदीया,
नाम: पूजा शर्मा
पता: मकान संख्या 56, सेक्टर 38, गुरुग्राम, हरियाणा
मोबाइल नंबर: 96XXXXXX78
दिनांक: 23 जनवरी 2026
हस्ताक्षर: पूजा शर्मा
Road Accident FIR Application in Hindi Format – पूरा भरा हुआ सैंपल
(दुर्घटना की FIR कैसे लिखें)
नीचे दिया गया यह Accident FIR Application in Hindi एक ready to use FIR complaint sample है, जो उन लोगों के लिए उपयोगी है जो सड़क दुर्घटना की FIR कैसे लिखें, road accident FIR format in Hindi, या थाने में दुर्घटना की FIR दर्ज कराने का सही तरीका खोज रहे हैं। इस भरे हुए उदाहरण में वाहन दुर्घटना, चोटिल होना, संपत्ति को नुकसान जैसे मामलों के लिए कानूनी रूप से मान्य और पुलिस द्वारा स्वीकार्य FIR प्रारूप सरल और स्पष्ट भाषा में दिया गया है, ताकि पहली बार FIR लिखने वाले व्यक्ति भी बिना किसी गलती के आवेदन कर सकें।
Accident FIR Application कब जरूरी होती है?
हर दुर्घटना में FIR अनिवार्य नहीं होती, लेकिन नीचे दी गई परिस्थितियों में Accident FIR Application in Hindi जरूर दर्ज करानी चाहिए:
- सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट या मृत्यु हुई हो
- वाहन को गंभीर नुकसान पहुँचा हो
- दुर्घटना के बाद दूसरा पक्ष मौके से फरार हो गया हो
- बीमा क्लेम (Insurance Claim) की आवश्यकता हो
- दुर्घटना में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचा हो
ऐसे मामलों में समय पर दी गई FIR यह साबित करती है कि घटना वास्तविक थी और आपकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं की गई।
Accident FIR Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
[थाने का नाम]
[शहर / जिला]
विषय: सड़क दुर्घटना के संबंध में FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि दिनांक 08 फ़रवरी 2026 को समय लगभग प्रातः 10:15 बजे मेरे साथ एक सड़क दुर्घटना घटित हुई। यह दुर्घटना [स्थान—जैसे मुख्य सड़क/चौराहा/हाइवे का नाम] पर हुई, जिसके संबंध में अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि मैं अपनी [वाहन का प्रकार—जैसे मोटरसाइकिल/कार] से जा रहा/रही था/थी। तभी एक [दूसरे वाहन का प्रकार] तेज़ गति और लापरवाही से चलाते हुए आया और मेरी गाड़ी को टक्कर मार दी। दुर्घटना में मुझे [चोट का विवरण—जैसे हाथ/पैर में चोट] आई तथा मेरी गाड़ी को भी नुकसान पहुँचा। मौके पर मौजूद लोगों की सहायता से मुझे सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित दुर्घटना के संबंध में मेरी इस लिखित शिकायत को संज्ञान में लेते हुए सड़क दुर्घटना के अंतर्गत FIR दर्ज की जाए तथा संबंधित वाहन चालक के विरुद्ध भारतीय कानून एवं मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक एवं उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, जिससे मुझे न्याय प्राप्त हो सके।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: संदीप कुमार
पता: मकान संख्या 27, सेक्टर 18, गुरुग्राम, हरियाणा
मोबाइल नंबर: 97XXXXXX92
दिनांक: 09 फ़रवरी 2026
हस्ताक्षर: संदीप कुमार
Accident FIR में कौन-कौन सी जानकारी लिखना जरूरी है?
एक मजबूत Accident FIR Application in Hindi में ये जानकारियाँ ज़रूर शामिल होनी चाहिए:
- दुर्घटना की तारीख और समय
- सटीक स्थान (लोकेशन)
- शामिल वाहनों का विवरण
- चोट या नुकसान का स्पष्ट उल्लेख
- प्रत्यक्षदर्शी (यदि कोई हो)
- मेडिकल रिपोर्ट या फोटो (यदि उपलब्ध हो)
जितनी स्पष्ट जानकारी होगी, उतनी ही जल्दी पुलिस जांच और बीमा प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
Mobile Chori FIR Application in Hindi – पूरा भरा हुआ सैंपल
नीचे दिया गया यह Mobile Chori FIR Application in Hindi एक ready to use FIR complaint sample है, जो उन लोगों के लिए उपयोगी है जो मोबाइल चोरी की FIR कैसे लिखें, थाने में मोबाइल गुम/चोरी की शिकायत, या mobile theft FIR format in Hindi खोज रहे हैं। इस भरे हुए उदाहरण में मोबाइल चोरी, लूट या गुमशुदगी जैसे मामलों के लिए कानूनी रूप से मान्य और पुलिस द्वारा स्वीकार्य FIR प्रारूप सरल और स्पष्ट भाषा में दिया गया है, ताकि पहली बार FIR लिखने वाले व्यक्ति भी बिना किसी गलती के आवेदन कर सकें।
मोबाइल चोरी की FIR कब और कहाँ दर्ज करें?
मोबाइल चोरी होते ही आपको तुरंत FIR दर्ज करानी चाहिए, खासकर इन स्थितियों में:
- मोबाइल में UPI, बैंक ऐप या ई-वॉलेट जुड़े हों
- फोन चोरी के बाद गलत इस्तेमाल का डर हो
- मोबाइल का Insurance Claim करना हो
- IMEI नंबर ब्लॉक करवाना हो
आप FIR इन जगहों पर दर्ज कर सकते हैं:
- उसी क्षेत्र के पुलिस स्टेशन में
- राज्य पुलिस की Online FIR Portal पर
- cybercrime.gov.in (यदि डेटा या फ्रॉड का खतरा हो)
Mobile Chori FIR Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
[थाने का नाम]
[शहर / जिला]
विषय: मोबाइल चोरी के संबंध में FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि दिनांक 05 फ़रवरी 2026 को समय लगभग सायं 6:45 बजे मेरा मोबाइल फोन चोरी हो गया। यह घटना [स्थान—जैसे बस स्टैंड/मार्केट/मेट्रो स्टेशन] पर हुई, जिसके संबंध में अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि मैं सार्वजनिक स्थान पर मौजूद था/थी, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने भीड़ का फायदा उठाकर मेरा मोबाइल फोन चोरी कर लिया। मोबाइल का विवरण इस प्रकार है:
- कंपनी/मॉडल: Samsung Galaxy A32
- रंग: काला
- IMEI नंबर: 35XXXXXXXXXXXXX
चोरी का पता चलने पर मैंने आसपास खोजबीन की, परंतु मोबाइल नहीं मिला।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित घटना के संबंध में मेरी इस लिखित शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मोबाइल चोरी के संबंध में FIR दर्ज की जाए तथा अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय कानून के अंतर्गत आवश्यक एवं उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, ताकि मेरा मोबाइल बरामद हो सके।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: रोहित यादव
पता: मकान संख्या 41, सेक्टर 22, गुरुग्राम, हरियाणा
मोबाइल नंबर: 98XXXXXX67
दिनांक: 06 फ़रवरी 2026
हस्ताक्षर: रोहित यादव
मोबाइल चोरी FIR में IMEI नंबर का महत्व
IMEI नंबर मोबाइल की unique identity होता है। Mobile Chori FIR Application in Hindi में IMEI नंबर होने से:
- पुलिस मोबाइल को track / block कर सकती है
- नेटवर्क कंपनियाँ फोन को blacklist कर देती हैं
- चोरी हुआ मोबाइल बेकार हो जाता है
- Recovery की संभावना कई गुना बढ़ जाती है
IMEI नंबर आपको मोबाइल बॉक्स, बिल या *#06# डायल करके मिल सकता है।
अगर आपके साथ कभी Accident FIR Application in Hindi या Mobile Chori FIR Application in Hindi से जुड़ा कोई अनुभव रहा हो, तो नीचे comment में जरूर साझा करें।
आपका अनुभव किसी और की बड़ी परेशानी हल कर सकता है।
Cyber Crime FIR Application in Hindi – पूरा भरा हुआ सैंपल
नीचे दिया गया यह Cyber Crime FIR Application in Hindi उन लोगों के लिए उपयोगी है जो ऑनलाइन धोखाधड़ी की FIR कैसे लिखें, cyber crime FIR format in Hindi, या पुलिस स्टेशन में साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने का सही तरीका जानना चाहते हैं। यह सेक्शन विशेष रूप से UPI फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट हैक, फर्जी वेबसाइट, OTP फ्रॉड और डिजिटल भुगतान से जुड़े अपराधों में FIR दर्ज कराने की कानूनी रूप से सही प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाता है।
यदि आप साइबर अपराध की शिकायत, FIR और ऑनलाइन रिपोर्टिंग की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझना चाहते हैं, तो हमारी यह विस्तृत गाइड भी देखें — Cyber Crime Application in Hindi (पूरा स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)।
Cyber Crime FIR Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
साइबर क्राइम थाना
[शहर / जिला]
विषय: साइबर अपराध के संबंध में FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि दिनांक ___ को मेरे साथ ऑनलाइन माध्यम से साइबर अपराध की एक गंभीर एवं दंडनीय घटना घटित हुई। उक्त घटना [मोबाइल/इंटरनेट/UPI/सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म] के माध्यम से हुई, जिसके कारण मुझे आर्थिक एवं मानसिक नुकसान उठाना पड़ा है।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक ___ को मुझे एक कॉल/मैसेज/ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें स्वयं को [बैंक/कंपनी/सरकारी अधिकारी] बताकर जानकारी मांगी गई। विश्वास में आकर मैंने आवश्यक विवरण साझा कर दिए, जिसके बाद मेरे खाते से ₹ ___ की राशि अनधिकृत रूप से निकाल ली गई / मेरा अकाउंट हैक कर लिया गया। घटना का पता चलने पर मैंने संबंधित बैंक/प्लेटफॉर्म से संपर्क किया, परंतु अब तक कोई समाधान नहीं हो पाया है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित घटना के संबंध में मेरी इस लिखित शिकायत को संज्ञान में लेते हुए साइबर अपराध के अंतर्गत FIR दर्ज की जाए तथा अज्ञात आरोपी/आरोपियों के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं भारतीय कानून के अंतर्गत आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, जिससे मुझे न्याय मिल सके।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: __________
पिता/पति का नाम: __________
पता: __________
मोबाइल नंबर: __________
ई-मेल आईडी: __________
दिनांक: __________
हस्ताक्षर: __________
आवश्यक दस्तावेज़ (Cyber Crime FIR के लिए)
- बैंक ट्रांजैक्शन स्टेटमेंट / UPI विवरण
- SMS / WhatsApp / Email चैट के स्क्रीनशॉट
- कॉल डिटेल्स (यदि उपलब्ध हों)
- वेबसाइट / ऐप का लिंक या विवरण
- पहचान पत्र
Missing Person FIR Application in Hindi – पूरा भरा हुआ सैंपल
(गुमशुदा व्यक्ति की FIR कैसे लिखें)
नीचे दिया गया यह Missing Person FIR Application in Hindi उन लोगों के लिए उपयोगी है जो गुमशुदा व्यक्ति की FIR कैसे लिखें, missing person FIR format in Hindi, या थाने में लापता व्यक्ति की शिकायत दर्ज कराने का सही तरीका जानना चाहते हैं। यह सेक्शन विशेष रूप से बच्चे, महिला, बुज़ुर्ग या किसी भी व्यक्ति के अचानक लापता होने की स्थिति में FIR दर्ज कराने की कानूनी रूप से सही और व्यावहारिक प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाता है, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।
Missing Person FIR Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
[थाने का नाम]
[शहर / जिला]
विषय: गुमशुदा व्यक्ति के संबंध में FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि दिनांक ___ को मेरे [रिश्ते—जैसे पुत्र/पुत्री/पति/पत्नी/भाई/बहन], जिनका नाम ___ है, [स्थान] से लापता हो गए/हो गई हैं। हमने अपने स्तर पर रिश्तेदारों एवं परिचितों में काफी खोजबीन की, परंतु अब तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
लापता व्यक्ति का विवरण इस प्रकार है:
- नाम: __________
- उम्र: __________ वर्ष
- लिंग: __________
- कद/हुलिया: __________
- कपड़े (लापता होने के समय): __________
- लापता होने की तारीख व समय: __________
- अंतिम बार देखे जाने का स्थान: __________
अब तक की गई खोजबीन के बावजूद कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है, जिससे परिवार अत्यधिक चिंतित है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त तथ्यों के आधार पर गुमशुदा व्यक्ति के संबंध में FIR दर्ज की जाए तथा लापता व्यक्ति की खोज हेतु आवश्यक एवं उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, जिससे उन्हें शीघ्र सुरक्षित खोजा जा सके।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: __________
पिता/पति का नाम: __________
पता: __________
मोबाइल नंबर: __________
दिनांक: __________
हस्ताक्षर: __________
आवश्यक दस्तावेज़ (Missing Person FIR के लिए)
- लापता व्यक्ति की हाल की फोटो
- पहचान पत्र (यदि उपलब्ध हो)
- मोबाइल नंबर व अन्य संपर्क विवरण
- अंतिम स्थान/समय की जानकारी
- शिकायतकर्ता का पहचान पत्र
Child Missing FIR Application in Hindi – पूरा भरा हुआ सैंपल
(लापता बच्चे की FIR कैसे लिखें)
नीचे दिया गया यह Child Missing FIR Application in Hindi उन अभिभावकों और परिजनों के लिए उपयोगी है जो लापता बच्चे की FIR कैसे लिखें, child missing FIR format in Hindi, या थाने में बच्चे के गुम होने की शिकायत दर्ज कराने का सही तरीका जानना चाहते हैं। यह सेक्शन विशेष रूप से नाबालिग बच्चे के अचानक लापता होने की स्थिति में तुरंत FIR दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट भाषा में समझाता है, ताकि समय रहते खोज शुरू की जा सके।
Child Missing FIR Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
[थाने का नाम]
[शहर / जिला]
विषय: नाबालिग बच्चे के लापता होने के संबंध में FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि दिनांक ___ को मेरा नाबालिग बच्चा/बच्ची, जिसका नाम ___ है, [स्थान] से लापता हो गया/हो गई है। हमने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों एवं आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, परंतु अब तक बच्चे का कोई पता नहीं चल पाया है।
लापता बच्चे का विवरण इस प्रकार है:
- नाम: __________
- उम्र: __________ वर्ष
- लिंग: __________
- कद व हुलिया: __________
- कपड़े (लापता होने के समय): __________
- लापता होने की तारीख व समय: __________
- अंतिम बार देखे जाने का स्थान: __________
बच्चा नाबालिग होने के कारण परिवार अत्यधिक चिंतित है और उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त तथ्यों के आधार पर लापता नाबालिग बच्चे के संबंध में तत्काल FIR दर्ज की जाए तथा बच्चे की तलाश हेतु त्वरित और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, जिससे बच्चे को शीघ्र सुरक्षित खोजा जा सके।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: __________
पिता/माता का नाम: __________
पता: __________
मोबाइल नंबर: __________
दिनांक: __________
हस्ताक्षर: __________
आवश्यक दस्तावेज़ (Child Missing FIR के लिए)
- बच्चे की हाल की फोटो
- जन्म प्रमाण पत्र / स्कूल आईडी (यदि उपलब्ध हो)
- बच्चे का विवरण व हुलिया
- अंतिम बार देखे जाने की जानकारी
- शिकायतकर्ता का पहचान पत्र
Women Missing FIR Format in Hindi – पूरा भरा हुआ सैंपल
(लापता महिला की FIR कैसे लिखें)
नीचे दिया गया यह Women Missing FIR Format in Hindi उन परिवारजनों के लिए उपयोगी है जो लापता महिला की FIR कैसे लिखें, women missing FIR format Hindi, या थाने में महिला के गुम होने की शिकायत दर्ज कराने का सही तरीका जानना चाहते हैं। यह सेक्शन विशेष रूप से महिला के अचानक लापता होने की स्थिति में तुरंत FIR दर्ज कराने की कानूनी और व्यावहारिक प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाता है, ताकि समय रहते खोज व सुरक्षा कार्रवाई शुरू हो सके।
Women Missing FIR Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
[थाने का नाम]
[शहर / जिला]
विषय: महिला के लापता होने के संबंध में FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि दिनांक ___ को [रिश्ता—जैसे पत्नी/बहन/बेटी/माता], जिनका नाम ___ है, [स्थान] से लापता हो गई हैं। हमने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों तथा आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, परंतु अब तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
लापता महिला का विवरण इस प्रकार है:
- नाम: __________
- उम्र: __________ वर्ष
- कद/हुलिया: __________
- रंग/विशेष पहचान (यदि कोई हो): __________
- कपड़े (लापता होने के समय): __________
- लापता होने की तारीख व समय: __________
- अंतिम बार देखे जाने का स्थान: __________
- मोबाइल नंबर (यदि हो): __________
परिवार अत्यधिक चिंतित है तथा उनकी सुरक्षा को लेकर आशंका है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त तथ्यों के आधार पर लापता महिला के संबंध में तत्काल FIR दर्ज की जाए तथा उनकी खोज हेतु आवश्यक एवं त्वरित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, जिससे उन्हें शीघ्र सुरक्षित खोजा जा सके।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: __________
पिता/पति का नाम: __________
पता: __________
मोबाइल नंबर: __________
दिनांक: __________
हस्ताक्षर: __________
आवश्यक दस्तावेज़ (Women Missing FIR के लिए)
- लापता महिला की हाल की फोटो
- पहचान पत्र (यदि उपलब्ध हो)
- मोबाइल/कॉल विवरण (यदि हों)
- अंतिम बार देखे जाने की जानकारी
- शिकायतकर्ता का पहचान पत्र
498A FIR Application in Hindi – पूरा भरा हुआ सैंपल
नीचे दिया गया यह 498A FIR application in Hindi एक ready to use FIR complaint sample है, जिसे विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए तैयार किया गया है जो धारा 498A के अंतर्गत FIR कैसे लिखें, दहेज उत्पीड़न की FIR आवेदन प्रक्रिया, या महिला थाना में 498A FIR दर्ज कराने का सही तरीका जानना चाहती हैं। इस उदाहरण में दहेज प्रताड़ना, मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न और ससुराल पक्ष द्वारा की गई हिंसा से जुड़े मामलों के लिए कानूनी रूप से मान्य और पुलिस द्वारा स्वीकार्य FIR प्रारूप सरल, स्पष्ट और व्यवहारिक भाषा में दिया गया है।
498A FIR Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
महिला थाना, सेक्टर 45
गुरुग्राम, हरियाणा
विषय: दहेज उत्पीड़न एवं धारा 498A के अंतर्गत FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहती हूँ कि दिनांक 25 जनवरी 2026 को समय लगभग सायं 8:30 बजे मेरे साथ मेरे वैवाहिक घर में दहेज उत्पीड़न एवं क्रूरता की गंभीर एवं दंडनीय घटना घटित हुई। यह घटना सेक्टर 46, गुरुग्राम स्थित मेरे ससुराल में हुई, जिसके संबंध में अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।
घटना इस प्रकार है कि विवाह के पश्चात मेरे पति एवं ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों द्वारा मुझसे लगातार दहेज की मांग की जा रही है। मांग पूरी न होने पर मुझे मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। दिनांक उपरोक्त को मेरे पति ने दहेज को लेकर मेरे साथ मारपीट की, गाली-गलौज की तथा मुझे घर से निकालने की धमकी दी। इस घटना से मुझे शारीरिक चोट पहुँची है और मानसिक रूप से अत्यधिक पीड़ा हुई है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित घटना के संबंध में मेरी इस लिखित शिकायत को संज्ञान में लेते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 498A एवं अन्य संबंधित धाराओं के अंतर्गत FIR दर्ज की जाए तथा आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक एवं उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, जिससे मुझे न्याय एवं सुरक्षा प्राप्त हो सके।
धन्यवाद।
भवदीया,
नाम: नेहा वर्मा
पता: मकान संख्या 88, सेक्टर 46, गुरुग्राम, हरियाणा
मोबाइल नंबर: 95XXXXXX64
दिनांक: 26 जनवरी 2026
हस्ताक्षर: नेहा वर्मा
420 FIR Format in Hindi – पूरा भरा हुआ सैंपल
नीचे दिया गया यह 420 FIR application in Hindi एक ready to use FIR complaint sample है, जो उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो धोखाधड़ी की FIR कैसे लिखें, IPC धारा 420 के अंतर्गत FIR आवेदन, या पुलिस स्टेशन में fraud FIR दर्ज कराने का सही तरीका खोज रहे हैं। इस भरे हुए उदाहरण में ऑनलाइन फ्रॉड, पैसों की ठगी, झूठे वादों के आधार पर धोखा जैसे मामलों के लिए कानूनी रूप से मान्य और पुलिस द्वारा स्वीकार्य FIR प्रारूप सरल और स्पष्ट भाषा में दिया गया है, ताकि पहली बार FIR लिखने वाले व्यक्ति भी बिना किसी गलती के आवेदन कर सकें।
IPC 420 क्या होता है? (संक्षिप्त जानकारी)
IPC 420 भारतीय दंड संहिता की वह धारा है, जो धोखाधड़ी (Cheating) से संबंधित अपराधों पर लागू होती है।
जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को झूठे वादों, फर्जी दस्तावेज़ों या गलत जानकारी देकर आर्थिक या मानसिक नुकसान पहुँचाता है, तो वह IPC 420 के अंतर्गत अपराध माना जाता है।
IPC 420 के अंतर्गत आने वाले सामान्य मामले:
- पैसे लेकर काम न करना
- फर्जी निवेश योजना
- ऑनलाइन फ्रॉड / UPI ठगी
- नकली नौकरी या लोन का वादा
- जमीन, फ्लैट या वाहन से जुड़ी धोखाधड़ी
ऐसे मामलों में 420 FIR Application in Hindi दर्ज कराना पीड़ित का कानूनी अधिकार होता है।
420 FIR Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
साइबर क्राइम थाना
गुरुग्राम, हरियाणा
विषय: धोखाधड़ी के संबंध में IPC धारा 420 के अंतर्गत FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता हूँ कि दिनांक 28 जनवरी 2026 को मेरे साथ धोखाधड़ी (Fraud) की एक गंभीर एवं दंडनीय घटना घटित हुई। यह घटना गुरुग्राम में ऑनलाइन माध्यम से हुई, जिसके संबंध में अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।
घटना इस प्रकार है कि एक व्यक्ति ने स्वयं को एक निजी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर मुझसे संपर्क किया और निवेश के नाम पर अधिक लाभ का झांसा दिया। उसके झूठे आश्वासन और विश्वास में आकर मैंने उसके बताए गए बैंक खाते में ₹75,000 की राशि ट्रांसफर कर दी। राशि प्राप्त होने के बाद उसने अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया और अब किसी भी प्रकार से संपर्क में नहीं है। इससे स्पष्ट है कि मेरे साथ जानबूझकर धोखाधड़ी की गई है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित घटना के संबंध में मेरी इस लिखित शिकायत को संज्ञान में लेते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं अन्य संबंधित धाराओं के अंतर्गत FIR दर्ज की जाए तथा आरोपी के विरुद्ध आवश्यक एवं उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, जिससे मुझे न्याय मिल सके।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: अमित कुमार
पता: मकान संख्या 112, सेक्टर 15, गुरुग्राम, हरियाणा
मोबाइल नंबर: 99XXXXXX21
दिनांक: 29 जनवरी 2026
हस्ताक्षर: अमित कुमार
420 FIR में कौन-से सबूत जरूरी होते हैं?
हालाँकि FIR दर्ज कराने के लिए सबूत अनिवार्य नहीं होते, फिर भी 420 FIR Application in Hindi को मजबूत बनाने के लिए ये दस्तावेज़ बहुत उपयोगी होते हैं:
- बैंक ट्रांजैक्शन स्टेटमेंट
- WhatsApp / SMS / Email चैट
- भुगतान की रसीद या स्क्रीनशॉट
- एग्रीमेंट या फर्जी दस्तावेज़ (यदि हों)
- आरोपी की पहचान या संपर्क विवरण
जितने मजबूत सबूत होंगे, उतनी तेज़ी से पुलिस जांच आगे बढ़ेगी।
Police Complaint Application in Hindi (शिकायत बनाम FIR)

नीचे दिया गया यह Police Complaint Application in Hindi उन लोगों के लिए एक ready to use police complaint format है जो यह जानना चाहते हैं कि पुलिस शिकायत क्या होती है, शिकायत और FIR में क्या अंतर है, या पुलिस स्टेशन में शिकायत आवेदन कैसे लिखें। इस सेक्शन में बताया गया है कि किन मामलों में साधारण पुलिस शिकायत पर्याप्त होती है और किन स्थितियों में FIR दर्ज कराना जरूरी होता है, ताकि आप सही कानूनी प्रक्रिया चुन सकें और समय की बर्बादी से बच सकें।
शिकायत बनाम FIR – क्या अंतर है? (संक्षेप में)
- Police Complaint (शिकायत):
जब मामला हल्का हो, जैसे धमकी, शोर-शराबा, पड़ोसी विवाद, गुमशुदगी की सूचना, या प्रारंभिक जानकारी देना — तब पुलिस शिकायत दी जाती है। इसमें तुरंत FIR दर्ज होना जरूरी नहीं होता। - FIR (First Information Report):
जब मामला दंडनीय अपराध से जुड़ा हो, जैसे धोखाधड़ी, चोरी, मारपीट, घरेलू हिंसा, या साइबर क्राइम — तब FIR दर्ज कराना आवश्यक होता है और पुलिस को जांच शुरू करनी होती है।
सरल शब्दों में: हर FIR एक शिकायत होती है, लेकिन हर शिकायत FIR नहीं होती।
Police Complaint Application in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
[थाने का नाम]
[शहर / जिला]
विषय: पुलिस शिकायत दर्ज कराने हेतु आवेदन
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि दिनांक 30 जनवरी 2026 को मेरे साथ एक ऐसी घटना घटित हुई, जो वर्तमान में पुलिस शिकायत के अंतर्गत आती है। यह घटना [स्थान] पर हुई, जिससे मुझे मानसिक असुविधा एवं परेशानी का सामना करना पड़ा है।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि मेरे पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति द्वारा बार-बार अनावश्यक रूप से शोर-शराबा किया जा रहा है तथा मना करने पर मुझे धमकाया जा रहा है। इस कारण मेरे परिवार की शांति भंग हो रही है। मैंने आपसी स्तर पर समस्या सुलझाने का प्रयास किया, परंतु कोई समाधान नहीं निकल पाया।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित घटना के संबंध में मेरी इस पुलिस शिकायत को दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो और मुझे राहत मिल सके।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: रवि शर्मा
पता: मकान संख्या 74, सेक्टर 21, गुरुग्राम, हरियाणा
मोबाइल नंबर: 98XXXXXX54
दिनांक: 31 जनवरी 2026
हस्ताक्षर: रवि शर्मा
कब Complaint करें और कब FIR?
यह समझना बेहद जरूरी है कि सही समय पर सही कदम उठाया जाए:
Police Complaint करें जब:
- पड़ोसी विवाद हो
- गाली-गलौज या हल्की धमकी हो
- सार्वजनिक शांति से जुड़ी समस्या हो
FIR दर्ज करें जब:
- चोरी, लूट या धोखाधड़ी हो
- मारपीट या गंभीर धमकी हो
- महिला या साइबर अपराध हो
- IPC 420 जैसे मामले हों
गलत स्थिति में गलत प्रक्रिया अपनाने से मामला कमजोर पड़ सकता है, इसलिए संदेह होने पर FIR Application in Hindi का रास्ता अधिक सुरक्षित माना जाता है।
अगर आपके मन में 420 FIR Format in Hindi या Police Complaint Application in Hindi से जुड़ा कोई सवाल या अनुभव है, तो नीचे comment में जरूर लिखें।
आपका सवाल किसी और को सही कानूनी मार्ग दिखा सकता है।
Application for Police Station in Hindi Format – पूरा भरा हुआ सैंपल

नीचे दिया गया यह Application for Police Station in Hindi एक ready to use police application format है, जो उन लोगों के लिए उपयोगी है जो थाने में आवेदन कैसे लिखें, police station application format in Hindi, या पुलिस को शिकायत/सूचना देने का सही तरीका खोज रहे हैं। यह प्रारूप सामान्य मामलों—जैसे धमकी, गुमशुदगी की सूचना, पड़ोसी विवाद, शोर-शराबा, या प्रारंभिक शिकायत—के लिए कानूनी रूप से मान्य और पुलिस द्वारा स्वीकार्य भाषा में तैयार किया गया है, ताकि पहली बार आवेदन लिखने वाले भी बिना गलती के अपना आवेदन दे सकें।
पुलिस स्टेशन में आवेदन किन मामलों में दिया जाता है?
पुलिस स्टेशन में आवेदन तब दिया जाता है, जब मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में न आता हो, लेकिन फिर भी पुलिस हस्तक्षेप जरूरी हो।
आम तौर पर इन मामलों में Police Station Application in Hindi दी जाती है:
- पड़ोसी या पारिवारिक विवाद
- लगातार परेशान करना या धमकी
- गुम हुआ दस्तावेज़ (Certificate, ID आदि)
- शोर-शराबा या सार्वजनिक शांति भंग
- FIR से पहले पुलिस को सूचना देना
ऐसे मामलों में आवेदन देने से समस्या official record में आ जाती है और भविष्य में जरूरत पड़ने पर यही आवेदन आधार बनता है।
क्या आपने कभी पुलिस स्टेशन में साधारण आवेदन दिया है? नीचे comment में बताइए—आपका अनुभव दूसरों की मदद कर सकता है।
Application for Police Station in Hindi Sample
सेवा में,
थाना प्रभारी
[थाने का नाम]
[शहर / जिला]
विषय: पुलिस स्टेशन में आवेदन देने हेतु प्रार्थना पत्र
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपको सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि दिनांक 02 फ़रवरी 2026 को मेरे साथ/मेरे आसपास एक ऐसी घटना घटित हुई, जिसके संबंध में पुलिस को सूचना देना आवश्यक है। यह घटना [स्थान] पर हुई, जिससे मुझे असुविधा एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि [यहाँ घटना का विवरण स्पष्ट, क्रमवार और तथ्यात्मक रूप से लिखें—क्या हुआ, कब हुआ, कहाँ हुआ और कौन-कौन शामिल था (यदि ज्ञात हो)]। मैंने पहले आपसी स्तर पर समाधान का प्रयास किया, परंतु समस्या का समाधान नहीं हो सका।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त वर्णित विषय के संबंध में मेरी इस पुलिस आवेदन को स्वीकार कर आवश्यक कार्रवाई/मार्गदर्शन प्रदान करने की कृपा करें, ताकि समस्या का उचित समाधान हो सके।
धन्यवाद।
भवदीय,
नाम: अजय वर्मा
पता: मकान संख्या 19, सेक्टर 12, गुरुग्राम, हरियाणा
मोबाइल नंबर: 97XXXXXX83
दिनांक: 03 फ़रवरी 2026
हस्ताक्षर: अजय वर्मा
यह फॉर्मेट Application for Police Station in Hindi Format के लिए पूरी तरह सही और स्वीकार्य है।
अगर आपको किसी खास स्थिति के लिए अलग application format चाहिए, तो comment में जरूर लिखें।
क्या हर आवेदन FIR में बदला जाता है?
नहीं, हर पुलिस आवेदन अपने-आप FIR में नहीं बदला जाता।
यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि मामला संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है या नहीं।
- यदि आवेदन में बताया गया मामला गंभीर अपराध का संकेत देता है, तो पुलिस FIR दर्ज कर सकती है।
- यदि मामला गैर-संज्ञेय है, तो पुलिस पहले शिकायत के रूप में कार्रवाई करती है।
इसीलिए यह समझना जरूरी है कि कब Police Station Application in Hindi पर्याप्त है और कब FIR Application in Hindi आवश्यक हो जाती है।
क्या आपके आवेदन को कभी FIR में बदला गया है? अपना अनुभव नीचे साझा करें।
Police Station FIR Application Format in Hindi
जब किसी घटना में संज्ञेय अपराध का मामला बनता है, तब सामान्य पुलिस शिकायत पर्याप्त नहीं होती। ऐसी स्थिति में Police Station FIR Application Format in Hindi के अनुसार सही ढंग से लिखा गया FIR आवेदन ही पुलिस को तुरंत कार्रवाई के लिए बाध्य करता है।
FIR Application और Complaint Letter में अंतर
बहुत से लोग FIR Application और Complaint Letter को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा अंतर होता है।
FIR Application:
- संज्ञेय अपराधों में दी जाती है
- पुलिस बिना अनुमति जांच शुरू कर सकती है
- कानूनी कार्रवाई तुरंत संभव होती है
Complaint Letter:
- सामान्य या गैर-संज्ञेय मामलों में
- पहले जांच या समझौते की प्रक्रिया
- FIR बाद में भी हो सकती है
गलत विकल्प चुनने से मामला कमजोर पड़ सकता है, इसलिए अंतर समझना बेहद जरूरी है।
आपके अनुसार कौन-सा विकल्प ज़्यादा प्रभावी है—Complaint या FIR? अपनी राय comment में दें।
Police Station FIR Application – Step-by-Step Format
नीचे दिया गया Police Station FIR Application Format in Hindi step-by-step और legally correct है:
- सही थाना चुनें (जहाँ घटना हुई)
- आवेदन को थाना प्रभारी के नाम संबोधित करें
- विषय में अपराध का स्पष्ट उल्लेख करें
- घटना का विवरण क्रमवार लिखें (What, When, Where, How)
- FIR दर्ज करने का स्पष्ट अनुरोध करें
- नाम, पता, मोबाइल और हस्ताक्षर अवश्य दें
इस ढांचे में लिखा गया FIR Application in Hindi पुलिस द्वारा बिना आपत्ति स्वीकार किया जाता है।
क्या आपको FIR लिखते समय कभी confusion हुआ है? नीचे लिखें—हम जवाब ज़रूर देंगे।
FIR Application देते समय किन गलतियों से बचें?
एक छोटी-सी गलती भी FIR को कमजोर बना सकती है। FIR Application in Hindi देते समय इन गलतियों से बचना चाहिए:
- गलत या अनुमानित जानकारी लिखना
- भावनात्मक या अपशब्दों का प्रयोग
- तारीख और समय में गड़बड़ी
- FIR की कॉपी न लेना
- झूठा या बढ़ा-चढ़ाकर विवरण देना
सही, स्पष्ट और तथ्यात्मक FIR ही आपके अधिकारों की रक्षा करती है।
क्या आपने कभी FIR में कोई गलती की है या होते-होते बची है? अनुभव comment में जरूर साझा करें।
FIR दर्ज कराने के तरीके
आज के समय में FIR दर्ज कराने के दो मुख्य तरीके उपलब्ध हैं—
पुलिस स्टेशन जाकर
ऑनलाइन माध्यम से
स्थिति और अपराध के प्रकार के अनुसार सही तरीका चुनना बहुत जरूरी होता है।
पुलिस स्टेशन जाकर FIR दर्ज करना
यह FIR दर्ज कराने का सबसे पारंपरिक और भरोसेमंद तरीका है।
इस प्रक्रिया में:
- आवेदक स्वयं या किसी प्रतिनिधि के साथ पुलिस स्टेशन जाता है
- पुलिस अधिकारी घटना सुनकर FIR दर्ज करते हैं
- आपको FIR नंबर और FIR की कॉपी दी जाती है
- गंभीर मामलों में तुरंत जांच शुरू हो जाती है
यह तरीका तब सबसे उपयुक्त होता है, जब अपराध गंभीर, शारीरिक या तत्काल कार्रवाई योग्य हो।
ऑनलाइन FIR कैसे दर्ज करें? (Step-by-Step Guide)
कई राज्यों और साइबर अपराधों के लिए online FIR / online complaint की सुविधा उपलब्ध है। नीचे पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में दी गई है।
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ
- अपने राज्य की पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट
(जैसे: “Delhi Police Online FIR”, “UP Police Online FIR” आदि) - या साइबर अपराध के लिए
https://cybercrime.gov.in
“Register Complaint” या “File Complaint” पर क्लिक करें
वेबसाइट खुलने के बाद आपको ऐसे options दिखेंगे:
- Register a Complaint
- File Online FIR
- Lodge Complaint
सही option पर क्लिक करें।
अपराध का प्रकार चुनें
अब आपको category चुननी होगी, जैसे:
- Mobile / Laptop Theft
- Online Fraud / Cyber Crime
- Missing Person
- Women Related Crime
जिस तरह का मामला हो, वही category चुनें।
मोबाइल नंबर और OTP Verification
- अपना मोबाइल नंबर डालें
- OTP आएगा
- OTP verify करने के बाद आगे बढ़ें
Complaint / FIR Details भरें
यहाँ आपको:
- घटना की तारीख और समय
- घटना का स्थान
- पूरा विवरण (What, When, Where, How)
- आरोपी की जानकारी (अगर हो)
यह जानकारी वही होती है, जो आप FIR Application in Hindi में लिखते हैं।
Documents Upload करें
ऑनलाइन FIR के लिए आमतौर पर ये documents मांगे जाते हैं:
- पहचान पत्र (Aadhaar / Voter ID / Driving License)
- घटना से जुड़ा प्रमाण (यदि उपलब्ध हो):
- Screenshot
- Bank statement
- Transaction ID
- फोटो / वीडियो
- मोबाइल नंबर और ई-मेल ID
⚠️ सभी documents PDF/JPG format में और साफ होने चाहिए।
Submit करें और Acknowledgement लें
- Submit बटन पर क्लिक करें
- आपको Complaint Number / Reference ID मिलेगी
- इसी नंबर से आप आगे status track कर सकते हैं
Online FIR किन मामलों में मान्य होती है?
आमतौर पर ऑनलाइन FIR / complaint इन मामलों में मान्य होती है:
- Cyber Crime
- Online Fraud
- Mobile Theft
- Missing Person (कुछ राज्यों में)
- Non-cognizable offences
गंभीर अपराध (हत्या, बलात्कार, गंभीर हिंसा) में पुलिस स्टेशन जाना आवश्यक हो सकता है।
सही जानकारी और सही माध्यम से दी गई FIR Application in Hindi आपकी शिकायत को जल्दी, सुरक्षित और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद करती है।
अब जब आपको FIR Application in Hindi का सैंपल, offline और online दोनों तरीकों की पूरी प्रक्रिया, click-by-click steps और required documents समझ में आ गए हैं, तो अगला अहम सवाल यह है—
FIR दर्ज होने में कितना समय लगता है और उसका स्टेटस कैसे चेक करें?
इसी practical जानकारी के साथ अगला सेक्शन आपके लिए सबसे ज्यादा उपयोगी होने वाला है।
FIR दर्ज कराने के लिए जरूरी दस्तावेज
कई लोगों को लगता है कि FIR दर्ज कराने के लिए बहुत सारे काग़ज़ात चाहिए होते हैं, जबकि असल में प्रक्रिया काफी सरल होती है। FIR Application in Hindi के साथ कुछ बुनियादी दस्तावेज़ होने से पुलिस को आपकी पहचान और घटना की गंभीरता समझने में आसानी होती है, जिससे FIR जल्दी दर्ज हो जाती है।
पहचान पत्र (Aadhaar / ID)
FIR Application in Hindi देते समय आपकी पहचान सत्यापित करना जरूरी होता है। इसके लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य सरकारी पहचान पत्र पर्याप्त माना जाता है।
घटना से जुड़े सबूत (यदि हों)
अगर आपके पास फोटो, वीडियो, कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, बैंक ट्रांजैक्शन, ई-मेल या CCTV फुटेज जैसे प्रमाण हैं, तो उन्हें साथ रखना बहुत फायदेमंद होता है। इससे FIR Application in Hindi मजबूत बनती है और जांच तेज़ होती है।
मोबाइल नंबर
एक सक्रिय मोबाइल नंबर देना जरूरी होता है, ताकि पुलिस आपसे संपर्क कर सके और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दे सके। सही संपर्क विवरण FIR Application in Hindi की सफलता में अहम भूमिका निभाता है।
सही दस्तावेज़ों के साथ दी गई FIR Application in Hindi आमतौर पर बिना किसी अड़चन के स्वीकार कर ली जाती है।
FIR दर्ज होने में कितना समय लगता है?
FIR Application in Hindi देने के बाद सबसे आम सवाल यही होता है कि FIR बनने में कितना समय लगता है। इसका जवाब अपराध की प्रकृति पर निर्भर करता है।
सामान्य मामलों में समय
चोरी, गुमशुदगी या गैर-गंभीर मामलों में पुलिस अक्सर उसी दिन या कुछ घंटों के भीतर FIR दर्ज कर लेती है, बशर्ते FIR Application in Hindi स्पष्ट और पूरी हो।
गंभीर अपराध में प्रक्रिया
हत्या, गंभीर हिंसा, महिला अपराध या बड़े धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस पहले प्राथमिक जांच कर सकती है। इसके बाद तथ्यों की पुष्टि होते ही FIR दर्ज की जाती है।
FIR नंबर कब मिलता है?
जैसे ही FIR दर्ज होती है, आपको एक FIR नंबर दिया जाता है। यही नंबर आगे चलकर केस स्टेटस, जांच और कोर्ट प्रक्रिया में काम आता है।
यदि FIR Application in Hindi देने के बाद भी समय बीत जाए और FIR नंबर न मिले, तो अगला कदम जानना बेहद जरूरी हो जाता है।
अगर पुलिस FIR दर्ज न करे तो क्या करें? (पूरी कानूनी प्रक्रिया)
कानून के अनुसार, यदि किसी संज्ञेय अपराध की सूचना दी जाती है तो पुलिस FIR दर्ज करने से मना नहीं कर सकती। इसके बावजूद कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि थाना स्तर पर FIR Application in Hindi स्वीकार नहीं की जाती। ऐसी स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कानून पीड़ित को FIR दर्ज कराने के लिए स्पष्ट और प्रभावी कानूनी विकल्प प्रदान करता है। नीचे इन्हीं विकल्पों को क्रमवार और सरल भाषा में समझाया गया है।
SP / DCP को लिखित शिकायत कैसे करें? (पूरा फॉर्मेट)
यदि थाना प्रभारी FIR दर्ज नहीं करता है, तो आप सीधे अपने जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) या पुलिस उपायुक्त (DCP) को लिखित शिकायत दे सकते हैं। यह तरीका कई मामलों में त्वरित और प्रभावी साबित होता है और उच्च अधिकारी द्वारा थाना को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
SP / DCP Complaint Format (FIR दर्ज न होने पर)
सेवा में,
पुलिस अधीक्षक / पुलिस उपायुक्त
[जिले का नाम]
विषय: थाना स्तर पर FIR दर्ज न किए जाने के संबंध में शिकायत
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि दिनांक ___ को मैंने ___ थाना में एक संज्ञेय अपराध की लिखित सूचना दी थी, परंतु अब तक मेरी FIR दर्ज नहीं की गई है, जबकि मैंने घटना से संबंधित सभी आवश्यक तथ्य एवं जानकारी उपलब्ध कराई थी।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
[यहाँ घटना की तारीख, समय, स्थान और संक्षिप्त तथ्यात्मक विवरण लिखें]
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि मेरी इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए संबंधित थाना प्रभारी को FIR दर्ज करने के निर्देश प्रदान करने की कृपा करें, ताकि कानून के अनुसार उचित कार्रवाई हो सके।
भवदीय,
नाम: __________
पता: __________
मोबाइल नंबर: __________
दिनांक: __________
हस्ताक्षर: __________
आवश्यक दस्तावेज़
घटना से संबंधित प्रमाण (यदि उपलब्ध हों)
थाना में दी गई शिकायत की कॉपी
पहचान पत्र
Magistrate के पास आवेदन (धारा 156(3) CrPC) कैसे करें?
यदि थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज नहीं की जाती है और SP/DCP को शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती, तो पीड़ित व्यक्ति न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के अंतर्गत आवेदन दे सकता है।
मजिस्ट्रेट द्वारा आदेश पारित किए जाने पर पुलिस FIR दर्ज करने एवं विधि अनुसार जांच शुरू करने के लिए बाध्य हो जाती है। यह FIR दर्ज कराने का सबसे प्रभावी और वैधानिक उपाय माना जाता है।
156(3) CrPC Application Format (FIR दर्ज कराने हेतु)
माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट महोदय के समक्ष
[न्यायालय का नाम]
विषय: धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के अंतर्गत FIR दर्ज कराने एवं जांच के आदेश हेतु आवेदन
महोदय,
सविनय निवेदन है कि आवेदक द्वारा दिनांक ___ को संबंधित ___ थाना में एक संज्ञेय अपराध के संबंध में लिखित रूप से सूचना दी गई थी, परंतु थाना प्रभारी द्वारा अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। इसके पश्चात आवेदक ने दिनांक ___ को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (SP/DCP) को भी लिखित शिकायत प्रस्तुत की, किंतु उसके बावजूद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
घटना का संक्षिप्त एवं तथ्यात्मक विवरण इस प्रकार है:
[यहाँ घटना का पूरा विवरण क्रमवार लिखें — घटना की तारीख, समय, स्थान, अपराध की प्रकृति, आरोपी का विवरण (यदि ज्ञात हो) तथा अब तक किए गए प्रयासों का उल्लेख करें]
यह स्पष्ट है कि उपरोक्त घटना एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आती है, जिसके अंतर्गत FIR दर्ज किया जाना कानूनन अनिवार्य है, किंतु संबंधित थाना द्वारा अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया गया है।
अतः माननीय न्यायालय से विनम्र प्रार्थना है कि कृपया धारा 156(3) CrPC के अंतर्गत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए संबंधित थाना प्रभारी को FIR दर्ज करने एवं विधि अनुसार निष्पक्ष जांच करने के आदेश प्रदान करने की कृपा करें, जिससे आवेदक को न्याय प्राप्त हो सके।
भवदीय,
आवेदक
नाम: __________
पिता/पति का नाम: __________
पता: __________
मोबाइल नंबर: __________
दिनांक: __________
हस्ताक्षर: __________
आवश्यक दस्तावेज़ (संलग्न करें)
- थाना में दी गई लिखित शिकायत की कॉपी
- SP/DCP को दी गई शिकायत की कॉपी
- पहचान पत्र (आधार/पैन/वोटर आईडी आदि)
- शपथपत्र (Affidavit)
Online Grievance Portal पर शिकायत कैसे करें? (Step-by-Step)
यदि आप ऑनलाइन तरीका अपनाना चाहते हैं, तो सरकार के grievance portal पर भी FIR Application in Hindi से जुड़ी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
Step-by-Step प्रक्रिया
1) Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS) खोलें
https://pgportal.gov.in
2) “Register Grievance” पर क्लिक करें
3) मोबाइल / ई-मेल से लॉग-इन करें
4) विभाग में “Police” चुनें
5) शिकायत विवरण में FIR Application in Hindi का उल्लेख करें
6) दस्तावेज़ अपलोड करें
7) Submit करें और शिकायत नंबर सुरक्षित रखें
जरूरी दस्तावेज़
- FIR Application in Hindi (PDF/JPG)
- पहचान पत्र
- थाना विवरण
RTI का विकल्प कैसे इस्तेमाल करें?
RTI का उपयोग यह जानने के लिए किया जाता है कि आपकी FIR Application in Hindi पर क्या कार्रवाई हुई।
RTI में क्या पूछ सकते हैं?
- FIR दर्ज क्यों नहीं की गई?
- शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
- जिम्मेदार अधिकारी का नाम
RTI के लिए जरूरी चीज़ें
- साधारण RTI आवेदन
- ₹10 आवेदन शुल्क
- FIR Application in Hindi का संदर्भ
आप ऑनलाइन RTI भी दाखिल कर सकते हैं:
https://rtionline.gov.in
RTI कई बार पुलिस पर दबाव बनाती है और प्रक्रिया तेज़ कर देती है।
अब जब आपको FIR Application in Hindi से जुड़े
- दस्तावेज़
- समय-सीमा
- SP/DCP शिकायत
- Magistrate आवेदन
- Online Grievance
- RTI विकल्प
- —सब कुछ format + process + documents के साथ समझ में आ गया है, तो अगला सबसे जरूरी सवाल यह है:
FIR दर्ज होने के बाद उसका स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें और जांच किस चरण में है, यह कैसे पता करें?
इसी practical जानकारी के साथ अगला सेक्शन आपकी पूरी समझ को पूरा करेगा।
FIR से जुड़ी आम गलतियाँ (Common Mistakes)
बहुत से मामलों में FIR इसलिए कमजोर पड़ जाती है क्योंकि लोग जल्दबाज़ी या जानकारी की कमी में कुछ सामान्य गलतियाँ कर बैठते हैं। FIR Application in Hindi लिखते समय इन गलतियों से बचना बेहद जरूरी है, ताकि बाद में कोई कानूनी परेशानी न हो।
गलत जानकारी देना
कभी-कभी लोग अनुमान के आधार पर तारीख, समय या व्यक्ति का नाम लिख देते हैं। गलत जानकारी से FIR की विश्वसनीयता कमजोर हो जाती है और जांच पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
झूठी FIR के नुकसान
झूठी FIR दर्ज कराना कानूनन अपराध है। इससे न केवल मामला खारिज हो सकता है, बल्कि आवेदक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसलिए FIR Application in Hindi में हमेशा केवल सत्य और प्रमाणित तथ्य ही लिखें।
अधूरी जानकारी लिखना
घटना का स्थान, समय या पूरा विवरण न लिखना FIR को कमजोर बना देता है। अधूरी जानकारी के कारण पुलिस सही दिशा में जांच शुरू नहीं कर पाती।
FIR की कॉपी न लेना
कई लोग FIR दर्ज होने के बाद उसकी कॉपी लेना भूल जाते हैं। FIR की कॉपी भविष्य में सबूत, स्टेटस चेक और कोर्ट प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी होती है।
इन आम गलतियों से बचकर दी गई FIR Application in Hindi आपकी शिकायत को मजबूत आधार देती है।
FIR दर्ज करने के फायदे
बहुत से लोग सोचते हैं कि FIR दर्ज कराने से सिर्फ झंझट बढ़ता है, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है। सही तरीके से दर्ज की गई FIR Application in Hindi कई तरह से आपके हितों की रक्षा करती है।
कानूनी सुरक्षा
FIR दर्ज होने से आपको कानून के तहत सुरक्षा मिलती है और मामला आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड में आ जाता है।
अपराध पर कार्रवाई
FIR के बाद पुलिस जांच शुरू करती है और आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाते हैं।
भविष्य में सबूत के रूप में उपयोग
कोर्ट केस, जांच या किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया में FIR एक मजबूत दस्तावेज़ के रूप में काम करती है।
बीमा और क्लेम में मदद
चोरी, दुर्घटना या नुकसान की स्थिति में बीमा क्लेम के लिए FIR अनिवार्य दस्तावेज़ मानी जाती है।
इसीलिए समय पर दी गई FIR Application in Hindi केवल शिकायत नहीं, बल्कि आपकी कानूनी ढाल बन जाती है।
FIR Application लिखते समय ध्यान रखने योग्य बातें
FIR लिखते समय छोटी-छोटी सावधानियाँ आगे चलकर बड़े फायदे देती हैं। एक संतुलित और सही तरीके से लिखी गई FIR Application in Hindi पुलिस और कोर्ट—दोनों के लिए स्पष्ट होती है।
भाषा सरल और स्पष्ट रखें
आवेदन में कठिन शब्दों या घुमावदार भाषा से बचें। सरल भाषा में बात सीधी रखनी चाहिए।
तथ्यात्मक जानकारी दें
जो देखा, सुना या घटित हुआ—उसी को लिखें। अनुमान, अफवाह या भावनात्मक बातें शामिल न करें।
भावनात्मक या अपशब्दों से बचें
गुस्से या दुख में लिखे गए शब्द FIR की गंभीरता कम कर सकते हैं। भाषा हमेशा मर्यादित रखें।
तारीख और समय में गलती न करें
घटना की तारीख और समय FIR का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसमें गलती से पूरी जांच प्रभावित हो सकती है।
अब जब आप FIR Application in Hindi से जुड़ी गलतियाँ, फायदे और सावधानियाँ समझ चुके हैं, तो अगला और आख़िरी सवाल यह है—
पूरी FIR प्रक्रिया का सही निष्कर्ष क्या है और आम नागरिक को इससे क्या सीख लेनी चाहिए?
इसी जवाब के साथ अगला सेक्शन पूरे लेख को मजबूती से पूरा करेगा।
Conclusion – FIR Application क्यों जरूरी है?
पूरे ब्लॉग में हमने FIR Application in Hindi से जुड़ी हर जरूरी जानकारी को आसान और व्यावहारिक भाषा में समझा—चाहे FIR लिखने का सही तरीका हो, जरूरी दस्तावेज़ हों, ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रक्रिया हो या पुलिस FIR न ले तो क्या करना चाहिए। इन सभी पहलुओं से एक बात साफ़ होती है कि FIR केवल एक काग़ज़ी औपचारिकता नहीं, बल्कि आम नागरिक की कानूनी सुरक्षा की पहली और सबसे मजबूत कड़ी है।
बहुत से लोग डर, झिझक या जानकारी की कमी के कारण FIR दर्ज कराने से बचते हैं, जबकि सही प्रक्रिया अपनाने पर यह डर पूरी तरह बेकार साबित होता है। FIR Application in Hindi के ज़रिए अपराध को कानूनी पहचान मिलती है, पुलिस को कार्रवाई का अधिकार मिलता है और पीड़ित के अधिकार सुरक्षित होते हैं। यही कारण है कि FIR दर्ज कराना किसी परेशानी को बढ़ाना नहीं, बल्कि उसे सही दिशा में हल करने की शुरुआत है।
इसलिए किसी भी अपराध या गंभीर समस्या की स्थिति में डरने के बजाय सही जानकारी, सही फॉर्मेट और सही प्रक्रिया अपनाएँ। समय पर दी गई FIR Application in Hindi न सिर्फ आज आपकी मदद करती है, बल्कि भविष्य में भी आपको कानूनी रूप से मजबूत बनाती है।
अब जब पूरी प्रक्रिया स्पष्ट हो चुकी है, तो स्वाभाविक है कि आपके मन में कुछ आम सवाल भी होंगे—
उन्हीं सवालों के स्पष्ट और छोटे जवाब नीचे FAQ सेक्शन में दिए गए हैं।
- अगर आप FIR Application in Hindi के अलावा अन्य सरकारी आवेदन प्रक्रिया भी सही तरीके से समझना चाहते हैं,
तो हमारी TC Application in Hindi गाइड ज़रूर पढ़ें,
जहाँ स्कूल से Transfer Certificate लेने की पूरी और आसान प्रक्रिया step-by-step बताई गई है। - इसके साथ ही, राज्य से जुड़े प्रमाण पत्र के लिए Mul Praman Patra Application in Hindi की यह विस्तृत गाइड
आपको ऑनलाइन आवेदन, जरूरी दस्तावेज़ और पूरा प्रोसेस सरल भाषा में समझाती है।
FAQ Section – FIR Application in Hindi
1. FIR Application किस भाषा में लिख सकते हैं?
FIR Application हिंदी, अंग्रेज़ी या राज्य की स्थानीय भाषा में लिखी जा सकती है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि भाषा स्पष्ट और समझने योग्य हो। FIR Application in Hindi इसलिए ज़्यादा प्रचलित है क्योंकि आम नागरिक इसे आसानी से लिख और समझ सकता है।
2. क्या FIR ऑनलाइन दर्ज की जा सकती है?
हाँ, कई राज्यों में और खासकर साइबर अपराध के मामलों में ऑनलाइन FIR या ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। हालांकि गंभीर अपराधों में पुलिस स्टेशन जाना आवश्यक हो सकता है।
3. FIR की कॉपी कैसे प्राप्त करें?
FIR दर्ज होने के बाद आप संबंधित पुलिस स्टेशन से FIR की कॉपी मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। कई राज्यों में यह कॉपी ऑनलाइन भी उपलब्ध होती है।
4. क्या बिना सबूत FIR दर्ज हो सकती है?
हाँ, FIR दर्ज कराने के लिए सबूत होना अनिवार्य नहीं है। पुलिस FIR दर्ज करने के बाद जांच के दौरान सबूत इकट्ठा करती है। FIR Application in Hindi में घटना का सच्चा और स्पष्ट विवरण होना सबसे ज़रूरी होता है।
5. झूठी FIR का क्या परिणाम होता है?
झूठी FIR दर्ज कराना कानूनन अपराध है। इससे FIR दर्ज कराने वाले व्यक्ति पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
6. FIR दर्ज होने में कितना समय लगता है?
सामान्य मामलों में FIR उसी दिन दर्ज हो जाती है, जबकि गंभीर मामलों में प्राथमिक जांच के बाद FIR दर्ज की जाती है।
7. क्या FIR दर्ज कराने के लिए वकील जरूरी होता है?
नहीं, FIR दर्ज कराने के लिए वकील की आवश्यकता नहीं होती। आम नागरिक स्वयं FIR Application in Hindi देकर FIR दर्ज करा सकता है।
8. अगर पुलिस FIR दर्ज न करे तो आम नागरिक क्या करे?
ऐसी स्थिति में SP/DCP को लिखित शिकायत, मजिस्ट्रेट के पास आवेदन (156(3) CrPC), ऑनलाइन ग्रिवांस पोर्टल या RTI का विकल्प अपनाया जा सकता है।
अब जब आपको FIR Application in Hindi से जुड़ी पूरी जानकारी—प्रक्रिया, सावधानियाँ, समाधान और FAQs—सब कुछ स्पष्ट हो गया है, तो आप न सिर्फ खुद सही कदम उठा सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी सही मार्गदर्शन दे सकते हैं।
क्या आपके मन में FIR से जुड़ा कोई सवाल, अनुभव या समस्या है?
नीचे comment में जरूर लिखें—आपका सवाल न सिर्फ आपको, बल्कि और भी कई लोगों को सही जानकारी और समाधान पाने में मदद करेगा।
अगर आप भी FIR Application से जुड़े हैं, तो इस लेख को शेयर करें, और GurgaonVibes.in पर हमें फॉलो करना न भूलें।
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