सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम: ₹24.59 करोड़ से होगी आधुनिक रूपरेखा की नई शुरुआत

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम
Central Peripheral Road Gurgaon – Symbol of Gurugram’s Infrastructure Growth

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परिचय: सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम क्यों बना विकास का नया प्रतीक?

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम

हरियाणा के गुरुग्राम शहर में सेंट्रल पेरिफेरल रोड (Central Peripheral Road Gurugram) अब सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं रही — यह शहर के भविष्य की दिशा तय करने वाला विकास का नया प्रतीक बन चुकी है।
जीएमडीए (GMDA) ने इस प्रोजेक्ट के लिए ₹24.59 करोड़ की राशि मंजूर कर दी है, जिसका मकसद शहर की ट्रैफिक प्रणाली, सौंदर्यीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक स्वरूप देना है।

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि गुरुग्राम के भीतर और बाहरी इलाकों के बीच तेज़, सुगम और पर्यावरण-संतुलित आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यह रोड Dwarka Expressway, NH-48 और Southern Peripheral Road (SPR) जैसे प्रमुख मार्गों को जोड़ते हुए शहर की कनेक्टिविटी को नई परिभाषा देने जा रही है।

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम की योजना को इस तरह तैयार किया गया है कि यह न केवल ट्रैफिक जाम कम करे, बल्कि हरित विकास और स्थायी शहरीकरण को भी बढ़ावा दे।
यही कारण है कि यह परियोजना आज गुरुग्राम के लोगों के लिए उम्मीद, प्रगति और आधुनिकता का प्रतीक बन चुकी है।

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य और भविष्य की रूपरेखा

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम का मुख्य उद्देश्य शहर की परिवहन प्रणाली को नई दिशा देना है।
GMDA के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सड़कों को चौड़ा किया जाएगा, स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे, और ड्रेनेज सिस्टम को अत्याधुनिक तकनीक से सुदृढ़ किया जाएगा।

इस योजना की भविष्य की रूपरेखा में शामिल हैं:

स्मार्ट लाइटिंग और सोलर एनर्जी सिस्टम का उपयोग

ग्रीन बेल्ट और पौधारोपण क्षेत्र का विस्तार

पैदल यात्रियों और साइकिल लेन का निर्माण

डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से कार्य की पारदर्शिता

भविष्य में यह सड़क केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट का मॉडल बनेगी।
गुरुग्राम जैसे तेज़ी से बढ़ते शहर के लिए यह प्रोजेक्ट आने वाले दशक की नींव रखेगा।

गुरुग्राम शहर के लिए इस रोड का महत्व

गुरुग्राम देश के सबसे तेज़ी से विकसित होते शहरों में से एक है — जहाँ रोज़ाना लाखों लोग काम और व्यापार के लिए यात्रा करते हैं।
ऐसे में सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम का निर्माण शहर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान साबित होगा।

यह रोड शहर के प्रमुख इलाकों — साइबर सिटी, गोल्फ कोर्स रोड, सोहना रोड और सेक्टर 58–75 — को एक साथ जोड़ देगी, जिससे न केवल आवागमन तेज़ होगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।

GMDA का यह कदम गुरुग्राम को एक स्मार्ट और कनेक्टेड सिटी बनाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगा।
यह परियोजना रियल एस्टेट, बिजनेस पार्क, और नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को भी अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देगी।

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम न केवल विकास का मार्ग प्रशस्त कर रही है बल्कि यह आने वाले वर्षों में हरियाणा की प्रगति का केंद्रबिंदु बन सकती है।

₹24.59 करोड़ की लागत से शुरू हुआ GMDA का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर अभियान

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम

गुरुग्राम के विकास को नई दिशा देने के लिए GMDA (Gurugram Metropolitan Development Authority) ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है।
सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम के उन्नयन और सौंदर्यीकरण के लिए ₹24.59 करोड़ की भारी राशि स्वीकृत की गई है।
यह अभियान केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शहर को एक आधुनिक, टिकाऊ और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल में बदलना है।

GMDA के अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना 2025 तक पूरी की जाएगी, और इसके पूरा होने के बाद गुरुग्राम की ट्रैफिक व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली और सौंदर्य स्तर में क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेगा।
यह पहल न केवल नागरिकों के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि गुरुग्राम को “स्मार्ट अर्बन डेवलपमेंट” के क्षेत्र में एक नए मानक (benchmark) पर स्थापित करेगी।

फंडिंग और निर्माण कार्य की पूरी जानकारी

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम प्रोजेक्ट में ₹24.59 करोड़ की राशि का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा।
इस बजट का बड़ा हिस्सा रोड स्ट्रेंथनिंग, ड्रेनेज सिस्टम और हरित सौंदर्यीकरण पर खर्च किया जाएगा।
GMDA ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और रियल-टाइम प्रोजेक्ट ट्रैकिंग पोर्टल भी लागू किया है।

फंड आवंटन का प्रमुख विभाजन इस प्रकार है:

₹8.2 करोड़ – सड़क पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण कार्य के लिए

₹6.5 करोड़ – स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम के लिए

₹4.3 करोड़ – हरित पौधारोपण और साइड ब्यूटीफिकेशन के लिए

₹3.9 करोड़ – स्मार्ट लाइटिंग, सिग्नल सिस्टम और फुटपाथ सुधार के लिए

₹1.6 करोड़ – डिजिटल निगरानी और प्रोजेक्ट प्रबंधन प्रणाली के लिए

यह पूरा कार्य “Make in India” और “Green Infrastructure” सिद्धांतों पर आधारित है।
GMDA का लक्ष्य है कि इस रोड को न केवल सुंदर बनाया जाए, बल्कि यह सस्टेनेबल और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित भी रहे।

किन इलाकों में होगा सबसे बड़ा बदलाव

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम कई महत्वपूर्ण सेक्टरों और व्यस्त इलाकों से होकर गुजरती है, इसलिए यह प्रोजेक्ट सीधे तौर पर लाखों नागरिकों को प्रभावित करेगा।
सबसे बड़े बदलाव निम्नलिखित इलाकों में देखने को मिलेंगे:

सेक्टर 68 से 75 तक का कॉरिडोर:
यह क्षेत्र आवासीय और कमर्शियल विकास का केंद्र बन चुका है। यहां सड़क चौड़ीकरण और नए डिवाइडर निर्माण से ट्रैफिक जाम में भारी कमी आएगी।

Dwarka Expressway कनेक्शन पॉइंट:
यह जुड़ाव दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा को तेज़ और सहज बनाएगा।
स्मार्ट सिग्नल सिस्टम और लेन मार्किंग से यातायात नियंत्रण बेहतर होगा।

Golf Course Extension Road और Sohna Road Intersection:
यह इलाका अब “स्मार्ट क्रॉसिंग ज़ोन” के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यहां पैदल यात्रियों और साइकिल लेन की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी।

NH-48 जंक्शन से सेक्टर 99 तक:
यहां हरित कॉरिडोर और LED लाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे यह हिस्सा रात में भी सुरक्षित और सुंदर दिखेगा।

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल भौतिक सुधार नहीं है — बल्कि यह गुरुग्राम को स्मार्ट ट्रैफिक, हरित ऊर्जा और नागरिक सुविधा के तीन स्तंभों पर आधारित शहर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम: ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को कैसे बदलेगा यह प्रोजेक्ट?

गुरुग्राम जैसे तेज़ी से बढ़ते शहर में ट्रैफिक जाम और अनियंत्रित यातायात लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहे हैं।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम प्रोजेक्ट को डिजाइन किया गया है,
जो शहर की कनेक्टिविटी को सुचारु और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखता है।

GMDA का यह प्रोजेक्ट न केवल सड़क निर्माण का प्रतीक है, बल्कि यह शहर की लाइफलाइन रोड नेटवर्क को आधुनिक तकनीक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है।
इस रोड के पूरा होने पर, Dwarka Expressway, NH-48, SPR (Southern Peripheral Road) और सेक्टरों के बीच की यात्रा समय में भारी कमी आएगी।

यात्रा समय में कमी और बेहतर सुविधा

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम का सबसे बड़ा लाभ होगा – यात्रा समय की बचत और सुविधा में वृद्धि।
अभी जहां एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने में 45–50 मिनट लगते हैं,
वहीं इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यह दूरी सिर्फ 20–25 मिनट में तय की जा सकेगी।

GMDA ने सड़क चौड़ीकरण, सिग्नल समन्वय, और हरित कॉरिडोर निर्माण पर विशेष ध्यान दिया है ताकि
शहर के भीतर ट्रैफिक मूवमेंट सहज रहे और वाहन प्रदूषण भी कम हो।

मुख्य सुधार बिंदु:

सभी इंटरसेक्शनों पर स्मार्ट सिग्नल तकनीक लागू की जा रही है।

सड़कों के किनारे सर्विस लेन और पैदल पथ जोड़े जा रहे हैं।

भारी वाहनों के लिए निर्धारित लेन बनाकर जाम की समस्या घटाई जाएगी।

इमरजेंसी लेन और CCTV निगरानी व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाएगी।

यह प्रोजेक्ट न केवल ट्रैफिक कम करेगा बल्कि गुरुग्राम की लाइफ क्वालिटी और व्यावसायिक गति दोनों को बढ़ाएगा।

अधिक जानकारी के लिए आप GMDA Official Website पर प्रोजेक्ट अपडेट देख सकते हैं।

शहर के प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेसवे से जुड़ाव

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम की सबसे बड़ी ताकत है इसका रणनीतिक जुड़ाव (Strategic Connectivity)।
यह रोड कई प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेसवे से सीधे तौर पर जुड़ने जा रही है,
जिससे दिल्ली, फरीदाबाद, सोहना और मानेसर के बीच यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज़ और आसान होगी।

मुख्य जुड़ाव मार्ग:

NH-48 (Delhi–Jaipur Highway): औद्योगिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स के लिए प्रमुख मार्ग।

Dwarka Expressway: दिल्ली और गुरुग्राम के बीच नया तेज़ मार्ग जो सेंट्रल पेरिफेरल रोड से सीधे जुड़ जाएगा।

Southern Peripheral Road (SPR): गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड और सोहना रोड को जोड़ने वाला मुख्य लिंक।

इस मजबूत नेटवर्क के चलते शहर के भीतर वाणिज्यिक, रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
यह रोड गुरुग्राम को NCR के अन्य शहरों से जोड़ने वाला एक हाई-स्पीड कॉरिडोर बन जाएगी।

साथ ही, आप Haryana Urban Development Authority (HUDA) पोर्टल पर भीइस परियोजना से जुड़ी विस्तृत योजनाएँ और नक्शे देख सकते हैं।

पर्यावरण और हरित विकास की दिशा में उठाया गया सकारात्मक कदम

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम प्रोजेक्ट न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार का प्रतीक है,
बल्कि यह पर्यावरण-संवेदनशील विकास (Eco-Friendly Growth) का भी एक प्रेरक उदाहरण बन रहा है।
GMDA (Gurugram Metropolitan Development Authority) ने इस प्रोजेक्ट के हर चरण में ग्रीन डेवलपमेंट मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है,
ताकि शहर का विकास प्रकृति के संतुलन के साथ आगे बढ़ सके।

गुरुग्राम जैसे तेजी से शहरीकरण वाले शहर में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है,
क्योंकि यहां बढ़ते प्रदूषण, धूल, और ट्रैफिक ने लंबे समय से पर्यावरणीय असंतुलन पैदा किया है।
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य “विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन” कायम रखना है,
जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और हरित वातावरण मिल सके।

हरित पौधारोपण और प्रदूषण नियंत्रण योजना

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम की सबसे बड़ी विशेषता इसका ग्रीन कॉरिडोर कॉन्सेप्ट है।
इस कॉरिडोर में सैकड़ों देशी प्रजातियों के पौधे,
जैसे — नीम, पीपल, अमलतास और गुलमोहर लगाए जा रहे हैं,
जो धूल नियंत्रण और ऑक्सीजन संतुलन में मदद करेंगे।

GMDA ने इस योजना में स्थानीय निवासियों और एनजीओ को भी शामिल किया है ताकि “सामुदायिक हरियाली अभियान” के रूप में इसे आगे बढ़ाया जा सके।
इसके अलावा, सड़क किनारे वर्टिकल गार्डन और ग्रीन बैरियर्स लगाए जाएंगे,
जो न केवल पर्यावरणीय सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि ध्वनि और धूल प्रदूषण को भी कम करेंगे।

प्रमुख प्रदूषण नियंत्रण उपाय:

सड़कों के किनारे डस्ट-फ्री पेवमेंट और स्प्रिंकलर सिस्टम

प्रदूषण मापने के लिए सेंसर आधारित मॉनिटरिंग यूनिट्स

ट्रैफिक क्षेत्रों में नॉइज़ बैरियर इंस्टॉलेशन

वर्षा जल संरक्षण और वॉटर रिचार्ज पिट्स

GMDA का लक्ष्य है कि यह रोड न केवल “स्मार्ट सिटी मॉडल” बने,
बल्कि ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर का आदर्श उदाहरण भी साबित हो।

टिकाऊ निर्माण सामग्री और आधुनिक तकनीक का उपयोग

इस प्रोजेक्ट में उपयोग की जा रही सभी निर्माण सामग्री पर्यावरण मानकों के अनुरूप है।
GMDA ने यह सुनिश्चित किया है कि सड़क निर्माण के दौरान रीसायकल्ड मटेरियल्स और लो-कार्बन तकनीक का प्रयोग हो।
इससे न केवल प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि निर्माण लागत भी घटेगी।

टिकाऊ तकनीकें और इनोवेशन:

Cold Mix Asphalt Technology का उपयोग — जिससे कार्बन उत्सर्जन घटता है।

Pre-cast Drainage Blocks — ताकि साइट पर सीमेंट वेस्टेज न हो।

Solar Powered Street Lights — ऊर्जा की बचत और कम रखरखाव लागत।

Geo-textile Layering System — मिट्टी की स्थिरता और जल निकासी सुधारने हेतु।

यह सारी तकनीकें मिलकर इस रोड को न केवल मजबूत बनाएंगी,
बल्कि इसे “Sustainable Road Infrastructure” की श्रेणी में शामिल करेंगी।

GMDA की इस पहल से गुरुग्राम एक बार फिर साबित कर रहा है कि आधुनिकता और प्रकृति साथ-साथ चल सकती हैं।

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम का रूट मैप और लोकेशन डिटेल्स (2025 अपडेट)

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम (Central Peripheral Road Gurugram) अब सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं बल्कि शहर की कनेक्टिविटी रीढ़ (Connectivity Backbone) बन रही है।
GMDA ने 2025 के लिए इसके अपडेटेड रूट मैप और लोकेशन डिटेल्स जारी किए हैं, जिनमें यह रोड गुरुग्राम के कई प्रमुख सेक्टरों, औद्योगिक ज़ोन्स और रेज़िडेंशियल इलाकों से होकर गुजरने वाली है।

यह परियोजना शहर के हर हिस्से को जोड़ने वाले स्मार्ट लिंक कॉरिडोर के रूप में विकसित की जा रही है।
इसका उद्देश्य है – ट्रैफिक लोड को कम करना, समय की बचत करना, और शहर के भीतर तथा NCR के अन्य इलाकों से गुरुग्राम का संपर्क मज़बूत बनाना।

कौन-कौन से प्रमुख सेक्टर और क्षेत्रों से गुजरेगी यह रोड

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम का रूट इस तरह तैयार किया गया है कि यह शहर के विकासशील सेक्टरों और औद्योगिक हब्स को सीधे तौर पर जोड़ सके।
इस रोड की कुल लंबाई लगभग 16.5 किलोमीटर है, जो कई महत्वपूर्ण सेक्टरों और मुख्य जंक्शनों को एक-दूसरे से जोड़ती है।

मुख्य सेक्टर और क्षेत्र (2025 के अनुसार):

सेक्टर 68 से 75: आवासीय और कमर्शियल ज़ोन जहां रोड चौड़ीकरण और हरित पट्टी विकास कार्य जारी है।

सेक्टर 76 से 80: औद्योगिक क्षेत्र, जहां भारी वाहनों के लिए समर्पित लेन बनाई जा रही है।

Golf Course Extension Road Intersection: यह बिंदु शहर के व्यावसायिक इलाकों को जोड़ता है।

Sohna Road कनेक्शन: यह लिंक दक्षिणी गुरुग्राम और NH-248A को जोड़ने वाला प्रमुख जंक्शन है।

Dwarka Expressway कनेक्शन: दिल्ली की दिशा में तेज़ पहुंच के लिए इस जंक्शन को हाई-स्पीड लेन से जोड़ा जाएगा।

NH-48 (Delhi–Jaipur Highway): यह पूरे रोड नेटवर्क को राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधा कनेक्शन देता है।

इन इलाकों से होकर गुजरने के बाद यह रोड गुरुग्राम को एक 360-डिग्री कनेक्टेड सिटी नेटवर्क में बदल देगी।
इससे आवागमन आसान होगा, रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और शहर में व्यावसायिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी।

भविष्य के विस्तार और जोड़ने वाले मार्गों की योजना

GMDA ने सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम को भविष्य की जरूरतों के अनुसार विस्तार योग्य बनाया है।
2025 के बाद इस प्रोजेक्ट के तहत कई नए कनेक्टिंग रोड्स और अर्बन लिंक विकसित किए जाएंगे,
जो शहर की आबादी और ट्रैफिक ग्रोथ के हिसाब से तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्य विस्तार योजनाएँ:

साउथ लिंक एक्सटेंशन: सेक्टर 81 से 95 तक नया लिंक रोड बनाया जाएगा, जो मानेसर को सीधे जोड़ देगा।

Dwarka–SPR Integration Plan: Dwarka Expressway और Southern Peripheral Road के बीच नया सिग्नल-फ्री जंक्शन तैयार होगा।

Eco-Green Corridor Expansion: रोड के किनारे 3.5 किमी लंबा हरित कॉरिडोर बढ़ाया जाएगा।

Smart Traffic Integration System (STIS): एकीकृत ट्रैफिक सिग्नल और डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए नया सर्वर नेटवर्क जोड़ा जाएगा।

Cycling & Pedestrian Path Network: पर्यावरण अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए दोनों दिशाओं में साइकिल ट्रैक जोड़े जाएंगे।

भविष्य में यह रोड गुरुग्राम को दिल्ली, फरीदाबाद और सोहना जैसे शहरों से जोड़ने वाला सबसे तेज़ और टिकाऊ ट्रांजिट नेटवर्क साबित होगी।

GMDA की मॉनिटरिंग और पारदर्शिता नीति – जनता के लिए क्या बदलेगा?

गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) अब अपने विकास प्रोजेक्ट्स को पहले से कहीं अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केन्द्रित बना रही है।
सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में GMDA ने एक नई मॉनिटरिंग और पारदर्शिता नीति लागू की है,
जिससे हर नागरिक अब सरकारी कार्यों की प्रगति को ऑनलाइन देख और ट्रैक कर सकता है।

इस नीति का मकसद केवल परियोजना प्रबंधन नहीं, बल्कि नागरिकों को विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी देना भी है।
अब कोई भी नागरिक GMDA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रियल-टाइम अपडेट, प्रगति रिपोर्ट, और वित्तीय पारदर्शिता डेटा देख सकता है।

यह परिवर्तन गुरुग्राम को एक “ओपन-गवर्नेंस मॉडल” वाले स्मार्ट शहर की दिशा में आगे बढ़ा रहा है — जहाँ विकास केवल सरकार का नहीं बल्कि जनता का साझा अभियान है।

ऑनलाइन रिपोर्टिंग सिस्टम और कार्य निगरानी

GMDA ने अपने सभी प्रमुख प्रोजेक्ट्स, जिनमें सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम भी शामिल है,
के लिए एक डिजिटल मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया है।
यह प्लेटफॉर्म न केवल अधिकारियों बल्कि आम नागरिकों को भी कार्य की स्थिति और खर्च का विवरण देखने की सुविधा देता है।

मुख्य विशेषताएँ:

रियल-टाइम प्रोजेक्ट ट्रैकिंग: हर साइट पर लगाए गए GPS-आधारित उपकरण निर्माण प्रगति को लाइव अपडेट करते हैं।

ऑनलाइन डैशबोर्ड: नागरिकों को प्रोजेक्ट की लागत, डेडलाइन और ठेकेदार की जानकारी एक ही पोर्टल पर मिलती है।

ई-ऑडिट ट्रेल सिस्टम: सभी भुगतान और बिलिंग डेटा ऑनलाइन रिकॉर्ड होता है ताकि भ्रष्टाचार की संभावना समाप्त हो।

वर्क इमेज अपलोड फीचर: साइट इंजीनियर रोजाना निर्माण कार्य की फोटो और वीडियो पोर्टल पर अपलोड करते हैं।

इस डिजिटल निगरानी प्रणाली से अब कोई भी नागरिक यह जान सकता है कि
₹24.59 करोड़ की लागत से सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम में कौन-कौन से काम पूरे हो चुके हैं और कौन बाकी हैं।

जनभागीदारी और नागरिक फीडबैक की भूमिका

GMDA का मानना है कि किसी भी शहर का विकास तभी टिकाऊ हो सकता है जब उसके नागरिक सक्रिय रूप से शामिल हों।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए, GMDA ने जनभागीदारी और नागरिक फीडबैक प्रणाली शुरू की है।

अब नागरिक सीधे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए अपनी राय, सुझाव या शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
यह प्रणाली विकास परियोजनाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुधार में अहम भूमिका निभा रही है।

मुख्य लाभ:

नागरिक अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म के माध्यम से सुझाव देने की सुविधा।

GMDA अधिकारी हर महीने सार्वजनिक फीडबैक रिपोर्ट जारी करते हैं।

शिकायतों का निवारण 72 घंटे की समयसीमा में किया जाता है।

इस पहल से गुरुग्राम के लोगों में सरकारी कार्यों के प्रति भरोसा और भागीदारी दोनों बढ़ी है।
अब यह शहर एक ऐसा उदाहरण बनता जा रहा है जहाँ विकास और लोकतंत्र साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।

निष्कर्ष: सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम कैसे बदलेगा शहर का भविष्य?

गुरुग्राम, जो कभी केवल दिल्ली का सैटेलाइट टाउन माना जाता था,
अब भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले स्मार्ट शहरी केंद्रों (Smart Urban Hubs) में से एक बन चुका है।
इस बदलाव की दिशा को और मजबूत बना रहा है — सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम प्रोजेक्ट,
जो शहर के भविष्य को बेहतर कनेक्टिविटी, हरित विकास और तकनीकी नवाचार से परिभाषित करने जा रहा है।

GMDA के ₹24.59 करोड़ के इस प्रोजेक्ट ने न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई पहचान दी है,
बल्कि यह गुरुग्राम की आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय प्रगति का प्रतीक बनता जा रहा है।
इस सड़क का निर्माण केवल सुविधा नहीं, बल्कि एक स्थायी और स्मार्ट विकास दृष्टिकोण (Sustainable Smart Vision) की दिशा में लिया गया कदम है।

गुरुग्राम की बढ़ती संभावनाओं का संकेत

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम शहर की विकास यात्रा का अगला अध्याय साबित होगी।
यह परियोजना केवल यात्रा आसान करने के लिए नहीं, बल्कि शहर को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की मेट्रो सिटी में बदलने की दिशा में अहम कदम है।

आर्थिक दृष्टि से:
नई सड़क नेटवर्क से व्यापारिक इलाकों तक तेज़ पहुंच संभव होगी, जिससे उद्योग और स्टार्टअप्स को गति मिलेगी।

रियल एस्टेट सेक्टर:
Dwarka Expressway, NH-48 और Sohna Road से जुड़े क्षेत्रों में संपत्ति मूल्य में वृद्धि की संभावना है।

सामाजिक विकास:
बेहतर सड़कें, प्रदूषण में कमी और हरित पट्टियों से नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार आएगा।

गुरुग्राम की यह परियोजना दिखाती है कि शहर का भविष्य केवल ऊंची इमारतों में नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित और पर्यावरण-संतुलित सड़कों में भी बसता है।

यह प्रोजेक्ट शहर को एक “Future-Ready City” बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

यह प्रोजेक्ट क्यों बनेगा हरियाणा की पहचान

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम, केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं बल्कि हरियाणा की प्रगतिशील सोच का प्रतीक है।
यह राज्य के पहले ऐसे प्रोजेक्ट्स में से है जहाँ स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, हरित कॉरिडोर, डिजिटल मॉनिटरिंग और जनभागीदारी नीति एक साथ लागू की गई है।

राज्य स्तर पर प्रभाव:

इस प्रोजेक्ट से हरियाणा को सस्टेनेबल डेवलपमेंट का नया मॉडल मिलेगा।

यह योजना स्मार्ट सिटी मिशन के लक्ष्यों को और मजबूत बनाएगी।

राज्य सरकार को भविष्य में अन्य शहरों के लिए “गुरुग्राम मॉडल” अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में:
भारत में चल रहे ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और Make in India Urban Drive के तहत यह परियोजना
एक फ्लैगशिप रोल मॉडल के रूप में उभरेगी।

साफ-सुथरी, हरित और तकनीकी दृष्टि से सशक्त सड़कें न केवल गुरुग्राम बल्कि पूरे हरियाणा को
एक “Modern, Connected and Responsible State” की पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

राज्य की स्मार्ट सिटी योजनाओं के लिए देखें — Haryana Smart City Portal

सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम से जुड़े टॉप 10 FAQ (2025)

Q1) सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम प्रोजेक्ट क्या है?

Ans- यह गुरुग्राम में GMDA द्वारा विकसित एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है,
जिसका उद्देश्य शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाना और कनेक्टिविटी को बेहतर करना है।
इस प्रोजेक्ट के तहत ₹24.59 करोड़ की लागत से सड़क का चौड़ीकरण, ड्रेनेज और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।

Q2) इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है और फंडिंग कौन कर रहा है?

Ans- सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹24.59 करोड़ है।
इसकी फंडिंग गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) द्वारा की जा रही है।

Q3) सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम किन-किन क्षेत्रों को जोड़ेगी?

Ans- यह रोड Dwarka Expressway, NH-48, Sohna Road और Golf Course Extension Road जैसे प्रमुख मार्गों को जोड़ेगी।
इसके अलावा यह सेक्टर 68 से 80 तक कई आवासीय और औद्योगिक इलाकों को सीधे जोड़ेगी।

Q4) इस रोड के पूरा होने के बाद यात्रा समय में कितना अंतर आएगा?

Ans- प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यात्रा समय में लगभग 40% तक की कमी आने की उम्मीद है।
जो सफर अभी 45 मिनट का है, वह अब सिर्फ 25 मिनट में पूरा हो सकेगा।

Q5) क्या सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम पर्यावरण के अनुकूल होगी?

Ans- हाँ, इस प्रोजेक्ट में हरित कॉरिडोर, पौधारोपण, डस्ट-कंट्रोल सिस्टम और सोलर लाइटिंग जैसी तकनीकें शामिल की जा रही हैं,
ताकि सड़क का विकास पर्यावरण-संवेदनशील और टिकाऊ हो।

Q6) सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम प्रोजेक्ट कब तक पूरा होने की संभावना है?

Ans- GMDA के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को 2025 के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है और मॉनिटरिंग ऑनलाइन सिस्टम से की जा रही है।

Q7) इस प्रोजेक्ट में कौन-कौन सी आधुनिक तकनीकें उपयोग की जा रही हैं?

Ans- प्रोजेक्ट में Cold Mix Asphalt Technology, Pre-cast Drainage Blocks, Solar Street Lights और Geo-Textile Layering System जैसी टिकाऊ तकनीकें इस्तेमाल हो रही हैं।

Q8) क्या इस प्रोजेक्ट से रियल एस्टेट सेक्टर को फायदा होगा?

Ans- बिल्कुल। सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम के पूरा होने से Dwarka Expressway और Sohna Road के पास की संपत्तियों का मूल्य बढ़ेगा और नए प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा।

Q9) नागरिक इस प्रोजेक्ट की प्रगति कैसे देख सकते हैं या शिकायत कैसे कर सकते हैं?

Ans- नागरिक GMDA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रियल-टाइम प्रोजेक्ट अपडेट और मॉनिटरिंग रिपोर्ट देख सकते हैं।
शिकायत या सुझाव के लिए Haryana CM Grievance Portal पर ऑनलाइन फीडबैक दे सकते हैं।

Q10) सेंट्रल पेरिफेरल रोड गुरुग्राम हरियाणा की पहचान कैसे बनेगी?

Ans- यह रोड “स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर” और “ग्रीन डेवलपमेंट” का संगम है।
हरियाणा सरकार इसे भविष्य में राज्य की पहली पूर्णतः पर्यावरण-संवेदनशील स्मार्ट रोड के रूप में विकसित करना चाहती है, जो हरियाणा की आधुनिकता और प्रगति का प्रतीक बनेगी।

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